झाबुआ लाइव के लिए पेटलावद से हरीश राठौड़ की रिपोर्ट- होलिका दहन के दूसरे दिन सुबह अंबिका चौक में मोहल्ले के लोग एकत्रित होकर रात में जलाई गई होली की आग में एक क्विंटल आटे की बाटियां बनाते है और बांटिया बनाकर नगर में श्वान (कुत्तों) व अन्य जानवरों को खिलाई जाती है। यह परंपरा 70 वर्षों से अधिक समय से चली आ रही है जिसका पालन इस वर्ष भी अंबिका चौक के रहवासियों ने किया। इसके लिए एक समिति बनी हुई है जो राशि एकत्रित करता है और बैंक खाते में यह पैसा सुरक्षित है, और इसका खर्च इसी कार्य के लिए होता है। समिति के बैंक खाते में 40 हजार रूपए की एफडी है। समिति में वयोवृद्ध गेंदालाल वर्मा, बद्रीलाल सोनी,गौरव सोनी, गोपाल वर्मा, नंदकिशोर चौहान, राजेंद्र मालवी, डॉ कमल कुशवाह, नरसिंह चावड़ा, आजाद गुगलिया, प्रदीप सोनी, कालू भाई, बाबू भाई, बबलू सोनी, कैलाशचंद्र सोनी, प्रफुल्ल शुक्ला, नरसिंह भाई चावड़ा, कन्हैयालाल गवली, माधव शर्मा, चेतन मालवी आदि शामिल है. श्वानों को बाटी खिलाने की तैयार करते हुए. Post navigation सूखे रंगों से एसडीएम व प्रशासनिक अधिकारियों-कर्मचारियों ने खेली होली आबकारी व पुलिस विभाग ने नहीं बल्कि ग्रामीणों ने अवैध शराब व्यवसायी को 70 हजार की शराब परिवहन करते धरदबोचा