झाबुआ लाइव के लिए पेटलावद से हरीश राठौड़ की रिपोर्ट- ग्राम जामली में ईंट भट्टों के अतिक्रमण को लेकर चार दिन से भूख हड़ताल पर बैठे सरपंच की तबीयत बिगड़ी और उन्हें चक्कर आने लगे किंतु प्रशासन की ओर से कोई भी अधिकारी या डॉक्टर आज तक उनकी तबीयत देखने के लिए नहीं पहुंचा। रविवार को सरपंच को चक्कर आने लगे तो ग्रामीणों ने उनके लिए स्थानीय डाक्टर से दवाई लाकर दी, जिसके बाद उनकी हालत में कुछ सुधार हुआ किंतु सरपंच अम्बालाल वसुनिया तबीयत बिगडऩे के बाद भी धरने पर से उठने को तैयार नहीं है। उनका कहना है कि 27जून को जांच के आदेश दिए है वहां तक हम भूख हड़ताल से नहीं उठेंगे। इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि 23 जून को नायब तहसीलदार धरना स्थल पर जा कर आया उसे बताया गया कि शांति पूर्ण आंदोलन किया जा रहा है। भूख हड़ताल के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। वहीं शनिवार शाम 7 बजे के लगभग भी प्रशासन द्वारा दिखवाया गया तो धरना स्थल पूर्ण रूप से खाली था वहां कोई भी नहीं था। इस संबंध में एसडीएम सीएस सोलंकी से चर्चा की गई तो उनका कहना है कि प्याज खरीदी। न्यायिक जांच आयोग और ईद का समय होने से हमारे द्वारा 27 जून का समय दिया गया है किंतु यह लोग मानने को तैयार नहीं हुए. 27 जून को जांच कर कार्रवाई की जाएगी। सरपंच अम्बालाल वसुनिया का कहना है कि प्रशासन को सूचना देकर ही हम भूख हड़ताल पर बैठे है। यदि किसी समय दिखवाया होगा तो उस समय भी अपने किसी शारीरिक कार्य से इधर उधर गया होगा, बाकी पूरे समय मै धरना स्थल पर ही रहता हूं। Post navigation कार को बचाने के फेर में ट्रक ने मारी जीप को टक्कर तीन गंभीर घायल शनिश्चरी अमावस्या पर हुआ सुंदरकांड, भक्त झूमे