आदिवासी समाज बच्चों की अच्छी सेहत और सुख-समृद्धि की कामना गो माता से करते हैं। मन्नत पूरी होने पर गाय गोहरी होती है। गाय का खुर छू गया तो माना जाता है कि गो माता का आशीर्वाद मिल गया। इस वर्ष यही पर्व शर्तो के साथ मनाया जाएगा। इस संबंध में कलेक्टर ने प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए है। आदेश में बताया गया कि दीपावली त्यौहार के पश्चात स्थानीय परम्परांगत गाय गौहरी पर्व मनाये जाने के लिए प्रतिबंध से छूट रहेगी। स्वस्थ्य एवं लम्पी रोग के वेक्सीन किये गौवंश को पर्व में सम्मिलित किया जाए । देखिए जारी आदेश….. Post navigation पुलिस के सट्टा-जुआं एवं नशामुक्ति अभियान के बीच सट्टे का ये कथित वीडियो वायरल, पुनः सुर्खियों में स्थानीय पुलिस फिर खेतों से बरामद हुए गाँजे के पौधे, मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की कार्रवाई