ब्रजेश श्रीवास्तव, छकतला 23 मार्च को गा्रम अचपई में ग्राम सभा रखी गई। जिसमें मिशन डी 3 को लेकर चर्चा की गई। शादियों में इस मिशन के तहत बनाए गए नियमों का पालन करने पर चर्चा हुई। साथ ही ग्रामीणों को नियमों की जानकारी भी दी गई। ग्राम सभा की बैठक में निर्णय लिया कि शादी में केवल एक डीजे या ढोलिये हो(कम आवाज़ वाला) ही बजेगा। शादी केवल दो दिन की होगी। ( तेल सुबह में ओर दोपहर के बाद शिमोड़ा ओर भोजन और शाम में नाच –गाना), ममेरा में केवल दूल्हा/ दुल्हन के ही कपड़े लाएं जाएं और ले जाएं जाएं, अन्य लोगों के नहीं। ममेरा आने का समय भी निर्धारित रात 10 बजे से पहले ( अनावश्यक खर्चों से बचने के लिए) किया गया। ये भी लिए गए निर्णय लड़की की शादी होने पर चूड़ियों का खर्च अधिकतम 10 हज़ार निर्धारित, कम में भी किया जा सकता हैं।यह लड़की वालों की इच्छा पर निर्भर। शादी में भोजन व्यवस्था रात्रि 10 बजे के बाद बंद होगी। 6.बारात बुलाने का भी समय 10 से 11 बजे तक निर्धारित ओर जाने का समय भी। मृत्यु होने पर लाने वाली लुगड़ी की प्रथा भी बंद ओर श्रद्धांजलि फूलों से अर्पित की जाए। सामाजिक कार्यों में व्यसन पूरी तरह बंद किया गया है, जिसमें आयोजनकर्ता बीड़ी सिगरेट ओर शराब, गुटखे की व्यवस्था नहीं करेगा। मृत्यु होने पर मसानघाट पर दिए जाने वाले 20 से 50 रुपए का भी हिसाब रखा जाएगा। शादी में सॉफ्टड्रिंक,स्प्राइट, थम्सअप, फेंटा आदि पर भी प्रतिबंध यदि पिलाना हो तो चाय या नींबू का शरबत पिलाया जा सकता है। पूरे गांव में दहेज़ का एक ही रिवाज़ 15575 रुपए ओर रीत– भात 2500 से 3000 हजार रुपए के आसपास निर्धारित। 12.शादी/ अन्य कार्यक्रमों में सभी लोग पार्टी पक्ष की विचारधारा से ऊपर उठकर सभी जगह अपने व्यक्तिगत व्यवहार के अनुसार बैठे –उठे। Post navigation एक किलो मीटर दूर तक मरीज को झोली में उठाकर चले ग्रामीण आगजनी में जल गया सब कुछ, कांग्रेस नेता महेश पटेल मदद के लिए आगे आए