जगदीश प्रजापत। बरवेट बरसाती सीजन होने के साथ मलेरिया व डेंगू ने अपने पैर पसारने शुरू कर दिए है। इस साल का पहला डेंगू का कैस मिला है। आमतौर पर डेंगू बरसाती सीजन खत्म होने बाद हल्की ठंड शुरू होने साथ फैलता है, लेकिन इस बार समय से पहले ही डेंगू ने दस्तक दे दी है। इससे स्वास्थ्य विभाग सहित ग्रामीणो में हडक़ंप मचा हुआ है। इस वर्ष डेंगू का पहला मामला पेटलावद के गांव बरवेट में सामने आया है। यहां बुखार से पीडि़त जब पेटलावद पहुंचा, तो वहां जांच में डेंगू की जांच के लिए सैंपल लिया गया और जांच की गई तो उसमें डेंगू पॉजीटिव आया। डेंगू के खतरे को देखते हुए मैदानी अमले को अलर्ट किया गया है। जानकारी के मुताबिक बरवेट गांव के सुरेश पिता भेरूलाल पाटीदार (37) में डेंगू के लक्षण मिले है। परिजनो ने बताया सुरेश को कई दिनो से बुखार आ रहा था। जब पेटलावद उसे जांच के लिए लाए गए वहां जांच कराई गई थी। जिसमें डेंगू पॉजिटिव आया। इसके बाद सुरेश को परिजनो द्वारा तत्काल दाहोद उपचार के लिए ले जाया गया है। जहां उसका उपचार जारी है। जांच रिपोर्ट में खुलासे के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया गया। गंदगी और जलभराव के कारण फैल रहीं बीमारी- गांव में ड्रैनेज सिस्टम ठीक नहीं है। जल निकासी के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने को लेकर जगह-जगह पानी भरा हुआ है। गंदे पानी में मच्छार पनप रहे हैं, जिसके कारण मौसमी बीमारियों के साथ डेंगू और मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी फैल रही है। ग्राम पंचाय जलभराव की समस्या से निपटने को लेकर गंभीर नहीं हैं। सबसे ज्यादा जलभराव खाली प्लाट के कारण हो रहा है, जिससे मच्छर पनप रहे हैं। यह है डेंगू के लक्षण- – डेंगू एडीज मच्छरों के काटने से होता है। इस रोग में तेज बुखार के साथ शरीर पर लाल-लाल चकत्ते दिखायी देते है। – इसमें 104 डिग्री तेज बुखार आता है और सिर में तेज दर्द होता है। – शरीर के साथ जोड़ों में भी दर्द होता है। खाना पचाने में दिक्कत होती है। – उल्टी होना, भूख कम लगना व ब्लड प्रेशर कम हो जाना इसके कुछ अन्य लक्षण हैं। – इसके अलावा चक्कर आना, कमजोरी महसूस होना और बॉडी में प्लेटलेट्स की कमी हो जाना खास लक्षण हैं। – लीवर और सीने में फ्लूइड जमा हो जाता है। कैसे पता करे की डेंगू हुआ है या नहीं अगर ऊपर दिए गए लक्षणों में से कोई लक्षण दिखाई दे तो तुरंत डॉक्टर क पास जायें। डेंगू (स्रद्गठ्ठद्दह्वद्ग) की जाचं के लिए एनएस 1 टेस्ट किया जाता है जिसके आधार पर डॉक्टर तय करते हैं कि मरीज़ को डेंगू है या नहीं। डेंगू से जुड़ी जरूरी जानकारी- – डेंगू का मच्छर आम तौर पर दिन में काटता है। – गर्मी और बारिश के मौसम में यह बीमारी तेजी से पनपती है। डेंगू के मच्छर हमेशा साफ़ पानी में पनपते हैं जैसे छत पर लगी पानी की टंकी, घड़ों और बाल्टियों में जमा पीने का पानी, कूलर का पानी, गमलों में भरा पानी। सरपंच का आरोप-हमने स्वास्थ्य विभाग को दिया था आवेदन, नही हुई सुनवाई: ग्राम पंचायत बरवेट की सरपंच श्रीमती पासुड़ी अनोखीलाल सिंगाड़ ने स्वास्थ्य विभाग पर आरोप लगाया कि उन्होनें खण्ड चिकित्सा अधिकारी को डीडीटी के छिडकाव के लिए आवेदन 17 अगस्त को दिया था, जिसमें उन्होनें बताया था कि मलेरिया, डेंगू जैसी बीमारियो के प्रकोप की आशंका होने से ग्राम पंचायत बरवेट, मोटापाला, आमलीरूण्डा, जुनवानिया आदि ग्रामो में डीडीटी का छिडकाव किया जावे, लेकिन इस ओर स्वास्थ्य विभाग का रवैया उदासीन रहा और यही वजह रही कि बरवेट गांव के रहने वाले सुरेश में डेंगू का पॉजीटिव पाया गया। लगातार सर्तकता बरते हुए है- बीएमओ डॉ श्रीमती उर्मिला चोयल ने बताया हमने गांव में मच्छरदानिया वितरीत की थी। जिस युवक में डेंगू पॉजीटिव आया है उसकी जानकारी ले रहे है, जो भी प्रयास होंगे किए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग लगातार सर्तकता बरत रहा है। जहां डेंगू की आशंका होती है वहां उसके घरों के आसपास 150 घरों का सर्वे किया जाता है। यदि वहां पर एडीज मच्छर मिलता है तो डिस्ट्राय किया जाता है। लोगों को भी इस संबंध में सावधानी रखनी चाहिए। साफ पानी को एक स्थान पर सात दिन से अधिक एकत्र न रहने दें। Post navigation वृद्ध महिला हत्याकांड: दूसरे दिन भी चलती रही संदेहियो से पूछताछ, एसपी भी पहुंचे, जानिए पूरी अपडेट नगर परिषद कॉप्लेक्स में दुकान मालिक जमा रहा कब्जा, पक्का अतिक्रमण कर रातो-रात गायब कर दिए डस्टबीन …