झाबुआ लाइव के लिए पेटलावद से हरीश राठौड़ की रिपोर्ट- पेटलावद ब्लास्ट कांड के दस माह के बाद भी इलेक्ट्रानिक डोटोनेटर से लोग आज भी भयभीत है। तथा उनको लावारिस हालत में फेंक रहे हैं। इस प्रकार का मामला ग्राम रूपगढ़ के समीप भेरूपाड़ा के जंगल में देखने को मिला। जहां 151 इलेक्ट्रानिक डोटोनेटर किसी अज्ञात व्यक्ति के द्वारा फेके गए, जिसकी सूचना पुलिस को मिली तो पुलिस बल मौके पर पहुंचा व 151 ईडी को जप्त कर लाया तथा कार्रवाई करते हुए अज्ञात के खिलाफ कायमी की। नगर में दस माह पूर्व हुए हादसे से आज भी लोग भयभीत है। और इस प्रकार ईडी को जंगल व अन्य स्थानों पर फेंक रहे है। टीआई करणी सिंह शक्तावत ने बताया की सूचना मिलने के बाद मौके पर पुलिस टीम पहुंची थी तथा 151 ईडी जप्त की गई किन्तु यह पता नहीं चल पाया की यह किसके द्वारा फेकी गई है। पूरा नगर सिहर डेटोनेटर मिलने की खबर क्षेत्र में आग की तरह फैली और पूरे क्षेत्र सहित नगरवासी फिर से डर के मारे कांप गए और दस माह पूर्व हुई घटना की सारी तस्वीरे एक एक करके फिर से याद आने लगी। वहीं जिन घरों के चिराग ब्लास्ट में बूझ गए थे। उनके परिजनों की आंखों में फिर से आंसू आ गए और यादे फिर से ताजा हो गई। अवैध रूप से हो रहा उपयोग। नगर में दस माह पूर्व हुए हादसे में 78 लोग अकस्मात मर गए थे। और घटना इतनी बढी थी कि राज्य सहित पूरा देश हिल गया था और तब प्रशासन ने इतनी सख्ती दिखाई थी की अब इस क्षेत्र में इस प्रकार की विस्फोटक सामग्री नहीं मिल पाएगी। लेकिन घटना के कुछ समय बाद ही अवैध रूप से खनन करने वाले खनिज माफिया सक्रिय हो गए है। और बेरोकटोक अवैध रूप से ईडी और डिटोनेटर का उपयोग धडल्ले से हो रहा है। इसकी जानकारी प्रशासन व पुलिस को भी है किन्तु इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। ऐसा लगता है कि इतनी बडी घटना से भी प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया। Post navigation युवक की मौत के बाद जागा प्रशासन, रोड से हटाया अतिक्रमण राधा कृष्ण मंदिर पर तीन दिवसीय उत्सव का आगाज 9 जुलाई से