झाबुआ लाइव के लिए पेटलावद से हरीश राठौड़ की रिपोर्ट-
छोटे से गांव से निकला सचिन अब ऊंचे शिखर पर पहुंच रहा है। सचिन अपने आलराउंडर खेल की बदौलत हर स्पर्धा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर अपनी टीम को जीत की दहलीज पर ले गया। अथक मेहनत का नतीजा ही रंग लाया है कि अब सचिन आईजेपीएल में बेहतर प्रदर्शन कर सबका ध्यान अपनी ओर खिंचेगा और दुबई में मध्यप्रदेश का डंका बजाएगा। जी हां, हम बात कर रहे है मप्र के झाबुआ जिले के पेटलावद विकासखंड के एक छोटे से गांव सारंगी से निकले युवा प्रतिभा सचिन पीपाडा की। कम समय और कम उम्र में इस सचिन ने क्रिकेट जगत में एक खास मुकाम पा लिया। मध्यमवर्गीय परिवार से आने वाले सचिन ने सपने में भी नहीं सोचा था कि वह इतने बड़ टूर्नामेंट में खेलेगा। दुबई में खेलना सचिन के लिए सपना सच होने की तरह है। हर कोई सचिन के खेल से प्रभावित है ये एक गांव की उभरती प्रतिभा की अपने आप में बड़ी उपलब्धि है।
दरअसल, क्रिकेट का जादू लोगों के सिर चढक़र बोलता है। यही वजह है कि क्रिकेट को लेकर लगातार नए-नए प्रयोग होते रहते है। इंडियन प्रीमियर लीग की तर्ज पर दुबई में आगामी 19 सितंबर से इंडियन जूनियर प्लेयर्स लीग टी-20 अंडर-18 शुरू होने जा रही है। जिसमें सचिन का चयन हो गया है। सचिन को लीग में मध्यप्रदेश की टीम मप्र वरियर्स बतौर बल्लेबाज के तौर पर चुना गया है। इस टूर्नामेंट के लिए देशभर के करीब 60 हजार खिलाडिय़ों में से 240 खिलाडिय़ों का चयन किया गया है। इस अंडर-18 टी-20 लगी टूर्नामेंट में खेलने के लिए जल्द ही सचिन मप्र टीम के साथ दुबई के लिए रवाना होंगे। इस प्रतियोगिता में कुल 16 टीमें हिस्सा लेंगी। सभी मैच दुबई में आयोजित हांगेे। टूर्नामेंट विजेता टीम को 21 लाख रूपए मिलेंगे जबकि उपविजेता को 11 लाख रुपए। 16 टीमे को 4 ग्रुप में बांटा गया है। हर ग्रुप से दो-दो टीमे क्वार्टर फाइनल में प्रवेश करेगी।
तेंदुलकर को देख पिता ने बनाया अपने बेटे को क्रिकेटर:
15 वर्षीय सचिन पिपाडा ने क्रिकेट को अपने पिता के देखे हुए सपने के रूप में अपनाया। सचिन तेंदुलकर को क्रिकेट खेलता देख इस युवा सचिन के पिता राकेश पिपाड़ा ने उन्हें क्रिकेटर बनाने की ठानी और कड़ी मेहनत की वजह से आज वो युवा आईजेपीएल टी-20 जैसे बड़े मंच पर एमपी वॉरियर्स की तरफ से खेलने वाला है। सचिन तेंदुलकर को अपना सब कुछ मानने वाले इस युवा को उनका स्ट्रेट ड्राइव इतना पसंद है कि इसने उस शॉट को अपना हथियार बना लिया है। वहीं इस युवा ने क्रिकेट के लिए एक बड़ा कदम भी उठाया और क्रिकेट की वजह से अपनी पढ़ाई छोड़ सारा ध्यान क्रिकेट में लगा दिया और इंदौर क्लब ज्वाइन किया। यहां कोच संजय चौबे ने इस उभरती प्रतिभा को पहली नजर में ही पसंद कर लिया था और उसे तराशते-तराशते आज इस ऊंचे शिखर पर पहुंचा दिया। सचिन को यहां तक पहुंचाने में चौबे की अहम भूमिका रही। आईजेपीएल में चुने जाने पर सचिन ने इसके आयोजनकर्ता डॉ. दिनेश कपूर, कोच संयज चौबे, एमपी वरियर्स के कोच संयज वर्मा, हिमांशु बैरागी का भी शुक्रिया अदा किया।
टूर्नामेंंट में हिस्सा लेने वाली टीमे-
गुजरात ग्रेट्स, कोलकाता स्ट्राइकर्स, बैंगलूर स्टार्स, मुंबई मास्टर्स, एमपी वरियर्स, असम रेंजर्स, पुणे पैंथर्स, दिल्ली डैशर्स, रांची बूस्टर्स पंजाब टाइगर्स, देहरादून रॉकर्स, यूपी हीरोज, हैदराबाद हॉक्स, चेन्नई चैंप्स, राजस्थान रोरर्स और हरियाणा हरिकेस।
इंटरनेशनल खिलाड़ी है मेंटर:
इंडियन जूनियर प्रीमियर लीग के खिलाडिय़ों को पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर न सिर्फ हौंसला बढ़ाएंगे बल्कि उन्हें क्रिकेट के गुर भी सिखाएंगे। गौतम गंभीर इस लीग के ब्रांड एंबेसेडर है। वेस्टंडीज के कीरोन पोलार्ड, दक्षिण अफ्रीका के पूर्व खिलाड़ी जोंटी रोड्स व भारत के पारस डोगरा व ऋषि धवन इसके मेंटर है।
नगरवासियो ने दी बधाईयां:
उनके प्रभावशाली प्रदर्शन और उनके चयन से उनके कोच संजय चौबे, हिमांशु बैरागी व भरत चौधरी ने बधाई देकर उनके उ’जवल भविष्य की कामना की। विधायक निर्मला भूरिया, नगर पंचायत अध्यक्ष मनोहरलाल भटेवरा, उपाध्यक्ष माया राजू सतोगिया, लायंस क्लब झोन चेयरमेन मनोज जानी, भाजपा जिलाउपाध्यक्ष हेमंत भट्ट, राकेश मांडोत, किर्तीश चाणोदिया, अनिल मुलेवा, योगेश गामड़, लाला चौधरी, मनोहरसिंह डोडिया, सलमान शेख, विनोद सोलंकी, अप्पू भंडारी, रवि भंडारी, सूरजसिंह पंवार, नाना काग, ने बधाई दी
इस मौके का पूरा लाभ उठाएं और खूम नाम कमाएं:
प्रतिभा किसी की मोहताज नही होती है बस उसे तराशने की जरूरत होती है। मुझसे जो हो सका, वह किया। अब मौका मिल रहा है। चाहता हूं कि इसका वह लाभ उठाए। खूम नाम कमाएं।
– राकेश पिपाड़ा, सचिन के पिता।
तमन्ना है एक दिन पहनू टीम इंडिया की जर्सी:
मुझे घर से हर तरह का सपोर्ट मिलता है। भले ही पिता जी किसी परेशानी में हो, लेकिन उन्होनें मुझे हर तरफ से आगेे बढऩे के प्रेरणा दी है। मेरे लिए यह बड़ा टूर्नामेंंट है। शायद यहां से मेरी एक नई शुरूआत है। मैं उन खुशकिस्मत खिलाडिय़ो में शामिल हूं, जिन्हे दुबई में खेलने का मौका मिला और मेरी तमन्ना है कि एक दिन टीम इंडिया की जर्सी पहनू। कहा गया है कि टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी को काउंटी लीग खेलने का मौका मिलेगा। इसलिए मैं इस मौके पर पूरी तरीके से सफल बनाना चाहता हूं।
– सचिन पिपाड़ा, होनहार क्रिकेटर।

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