अर्पित चोपड़ा, खवासा

आदिवासी अधिकार दिवस पर रविवार को आदिम जाति आदिवासी परिवार के नेतृत्व में आदिवासी अधिकार यात्रा का आयोजन किया गया। एक यात्रा की शुरुआत रतलाम जिले के कुंदनपुर क्षेत्र से हुई वहीं दूसरी तलावड़ा से शुरु हुई जो विभिन्न मार्गों से होते हुए खवासा पहुंची। यात्रा का समापन खवासा स्थित सतगुरु पैलेस में जनसभा के साथ हुआ।

आदिवासी अधिकार यात्रा में मध्यप्रदेश के साथ-साथ गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान से बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के सामाजिक कार्यकर्ता एवं समाजजन शामिल हुए। यात्रा के दौरान आदिवासी समाज के अधिकार, अस्तित्व, सम्मान, स्वाभिमान एवं संवैधानिक अधिकारों को लेकर लोगों को जागरूक किया गया।

जनसभा के मुख्य अतिथि धर्मपूर्वी इंजीनियर विलेश खराड़ी ने सभा को संबोधित करते हुए आदिवासी समाज के अधिकारों और संवैधानिक प्रावधानों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर अपने अधिकारों को समझना और उनके संरक्षण के लिए संगठित प्रयास करना आवश्यक है। उन्होंने आदिम जाति आदिवासी परिवार के भारत देश के मूल मालिक होने की बात कही।

वहीं इंदौर से पहुंचे जयस के राष्ट्रीय अध्यक्ष लोकेश मुजाल्दा ने भी जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने आदिवासी समाज में अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा गांव-गांव तक संवैधानिक अधिकारों की जानकारी पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने समाज के युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं से जागरूकता अभियान को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का आयोजन आदिम जाति आदिवासी परिवार, खवासा द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन आयोजन समिति के अध्यक्ष सुभाष सिंगाड़ द्वारा किया गया। जनसभा में विभिन्न क्षेत्रों से आए सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं समाजजनों ने सहभागिता कर आदिवासी अधिकारों के प्रति जागरूकता अभियान को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

आयोजकों ने बताया कि आदिवासी अधिकार यात्रा का उद्देश्य समाज को अपने संवैधानिक अधिकारों, अस्तित्व और सम्मान के प्रति जागरूक करना तथा सामाजिक एकजुटता को मजबूत करना है।

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