सलमान शैख़@ झाबुआ Live
पेटलावद। आखिरकार ग्रामीण किसानों मुनाफे के चक्कर मे महंगे दामों में खाद बेचने वाले व्यापारी मुकेश भंडारी पर चौथे दिन धारा 420 के तहत एफआईआर दर्ज हुई है।
गौरतलब है कि यह मामला उजागर होने के बाद बीते तीन दिनों से कृषि विभाग द्वारा साक्ष्य जुटाए जा रहे थे, लेकिन एफआईआर नही हो पाई थी।
टीआई संजय रावत ने बताया हमने फरियादी दिनेशचन्द्र सेंचा की रिपोर्ट पर व्यापारी मुकेश भंडारी के खिलाफ धारा 420 भादवि, 3/7 आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 एवं उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 की धारा 3,5,8,35 के तहत एफआईआर दर्ज की है। मामले में व्यापारी की तलाश की जा रही है। व्यापारी को जल्द ही पुलिस गिरफ्तार करेगी।
8 दिसम्बर को ग्रामीणों ने पकड़ा था-
व्यापारी मुकेश भंडारी को कुछ ग्रामीणों ने थांदला मार्ग पर उसी की दुकान से कुछ ग्रामीण किसानों 267 रुपये की यूरिया खाद को 500 रुपये में बेचते हुए रंगेहाथों पकड़ा था। इसके बाद व्यापारी वहां से मौका देख भाग निकला था। तभी से ही फरार चल रहा है। कृषि विभाग की टीम ने पहुंचकर व्यापारी का गोदाम सील किया था और जांच कर रहे थे।
खाद की कालाबाजारी पर रोक नही-
यह तो 1 व्यापारी था, जिस पर एफआईआर दर्ज हुई है, लेकिन पेटलावद क्षेत्र में ऐसे कई व्यापारी है जो मुनाफे के चक्कर मे खाद की कालाबाजारी करते है और ग्रामीण किसानों को महंगे दामो में खाद लेने विवश होना पड़ता है। इस ओर आज तक स्थानीय प्रशासन ने न तो कभी निरीक्षण किया और न कोई कार्यवाही की। जिससे इन व्यापारियों के हौसले दिन ब दिन बुलंद होते जा रहे है और तय रेट में खाद न बेचते हुए कभी 400 तो कभी 500 रुपये में किसानों का खाद विक्रय करकर दोगुना गुना मुनाफा कमाते है। इन पर शिकंजा कसना अति आवश्यक है।

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