भूपेंद्र नायक, पिटोल गुरुवार शाम 7 बजे पिटोल क्षेत्र में आंधी तूफान का कहर आया जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबों के झोपड़े उड़ गए तो मवेशियों के लिए घर के पास घास के रखे हुए देर हवाओं में तिनको की तरह उड़ गए और गेहूं के भूसा वह भी उड़ गया। दूसरी तरफ बे मौसम बारिश से आम आदमी कुदरत से संघर्ष करता दिखाई दिया। ऐसा ही कल शाम 7 बजे पिटोल कन्या परीसर के पास में रहने वाले सुनील पिता खीमजी परमार का मकान के छत के पतरे तेज आंधी की वजह से उड़ गए। घर के अंदर झूले पर 5 वर्षीय बालिका मुस्कान झूल रही थी वह भी हवा की तेज आंधी में उड़ गई, जिसे चोट लगी है। अब सुनील का परिवार बे मौसम आई आंधी तूफान और प्रकृति की मार से रात भर खुले में सोने को मजबूर है। दिनदाडकी करने वाले सुनील को अपना आशियाना बनाने के लिए सरकार से मदद की आस लगाए बैठा है। Post navigation भाजपा मंडल पिटोल ने वृहद कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया, वन मंत्री और सांसद प्रत्याशी भी हुए शामिल बोरियों में भरकर ले जाई जा रही लाखों की अवैध चांदी पुलिस ने पकड़ी