रितेश गुप्ता@थांदला महिला एवं बाल विकास परियोजना द्वारा घर-घर जाकर पोषण आहार एवं सूखी रेसिपी का वितरण किया जा रहा है। शासन के निर्देशानुसार महिला एवं बाल विकास परियोजना थांदला द्वारा सम्पूर्ण लाॅकडाउन के दौरान परियोजना थांदला के समस्त आँगनवाड़ी केन्द्रों मे 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चे, एवं गर्भवती, धात्री माताएं एवं शालात्यागी किशोरी बालिकाओं को स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से सूखी रेसिपी अन्तर्गत सत्तू, लड्डू चूरा, शक्करपारे इत्यादि बनाकर घर-घर जाकर आँगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए 15-15 दिवस हेतू वितरण किया जा रहा है। साथ ही शासन द्वारा प्रदायित पोषण आहार भी प्रदाय किया जा रहा है। कुपोषित बच्चों हेतू अतिरिक्त सूखी रेसिपी का वितरण कर उनके माता-पिता को भी समझाईश भी दी जा रही है। साथ ही आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से कोरोना महामारी से बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग, घर पर रहने व बार-बार साबुन से हाथ धोने एवं अतिआवश्यक कार्य होने पर ही घर से निकलने हेतू समझाईश भी दी जा रही है। परियोजना अधिकारी जामसिंह मुवेल एवं समस्त सेक्टर पर्यवेक्षकों, परियोजना समन्वयक श्री मनीष केरावत, एवं विकासखण्ड परियोजना सहायक श्री राकेश पंचाल के द्वारा आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से कुपोषित बच्चों के माता-पिता के नम्बर लेकर व्हाट्सएप ग्रूप एवं मैसेज ग्रूप बनाया गया। जिसमे जिला कार्यक्रम अधिकारी सुषमा भदौरिया द्वारा एवं जिले के अजयसिंह चौहान सहायक संचालक, बालूसिंह सस्तिया सहायक संचालक, एवं वर्षा चौहान सहायक संचालक के मार्गदर्शन मे कुपोषित बच्चों के माता-पिता से सीधे फोन लगाकर एवं मैसेज के माध्यम से कुपोषित बच्चों के पोषण आहार एवं उनको दिए जाने वाली सूखी रेसिपी के प्रदाय की मात्रा एवं उनके स्वास्थ्य के सम्बंध मे सतत माॅनिटरिंग की जा रही है। Post navigation पुलिस विभाग मे फेरबदल; इन चौकी प्रभारियों को किया इधर से उधर … टीकाकरण शाखा के कर्मचारियों ने अपनाई यह सावधानी; कोरोना छू भी नही पाया