सलमान शैख़@ झाबुआ Live
कोरोना के मरीज़ बढ़ने के कारण सरकार एंटीजन टेस्ट कराने जा रही है। इसमें दो श्रेणियां निर्धारित की गयी हैं। पहली कैटेगरी में कंटेनमेंट जोन, रेड जोन जैसे संक्रमित क्षेत्रों के लोगों के टेस्ट किए जाएंगे। दूसरी कैटेगरी में अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों की रैपिड किट से जांच की जाएगी। इसमें उन मरीजों को प्राथमिकता दी जाएगी जिनकी सर्जरी होनी है। इससे ये पता चल सकेगा कि किस स्तर पर संक्रमण समुदाय में फैला है।
हाल ही में इसके आदेश स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त ने सभी मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारियों को जारी किए है।
इस किट की विशेषता यह है कि 30 मिनट में टेस्ट का परिणाम मिल जाता है। जहां भी कोरोना वायरस के मरीज मिलेंगे, उसी क्षेत्र में इसी किट का इस्तेमाल कर वायरस के संक्रमण विस्तार को रोका जा सकेगा।
भोपाल और मुरैना में आज से कोरोना (corona) की जांच के लिए रैपिड एंटीजन टेस्ट (Rapid antigen test) शुरू हो गया है। कम्युनिटी में संक्रमण के स्तर को जांचने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने ये टेस्ट शुरू किया है।
झाबुआ जिले में भी कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की ओर से बचाव को लेकर हर संभव प्रयास किया जा रहा है। नये-नये उपकरणों की भी उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
रैपिड एंटीजन टेस्ट किट हमारे लिए कारगर साबित होगा। इस टेस्ट के लिए नाक में एक पतली से नली से सैंपल ली जाती है। नाक से लिए गए उस लिक्विड को टेस्ट किट में डाला जाता है। सैंपल डालने के बाद अगर 2 रेड लाइन आती है तो इसका मतलब है कि व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव है और अगर सिर्फ एक लाइन आती है तो मतलब व्यक्ति कोरोना निगेटिव है।

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