रितेश गुप्ता, थांदला स्कूल विद्यार्थियों के लिये प्रकृति परिचय हेतु सामान्य वनमंडल झाबुआ के वन परिक्षैत्र थांदला अंतर्गत 3 से 4 जनवरी को इको पर्यटन विकास बोर्ड के निर्देशन में इको कैंप का आयोजन किया गया। अनूभूति इको कैंप अंतर्गत शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय थांदला एवं शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय थांदला के कुल 252 छात्र-छात्राओं को पिपलखुंटा के जंगलेश्वर मंदिर वन क्षैत्र का भ्रमण कराया, जिसमें 3जनवरी को 61 छात्राएं एवं 59 छात्र एवं 4 जनवरी को 67 छात्राएं एवं 65 छात्र शामिल हुए। दो दिवसीय अनुभूति कैंप में प्रात: काल वन पक्षी एवं जलीय पक्षियों का दर्शन कराया। साथ-साथ पक्षियों के प्रकार, आवास स्वभाव, घोसलों की बनावट एवं उनकी आदतो के बारे में बताया गया। प्राकृतिक वनक्षेत्र में पैदल भ्रमण कर जंगल में पायी जाने वाली जैव-विविधता जैसे पेड पौधे, कीट पतंगों, पशु पक्षियों के प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष प्रमाणों की उपस्थिति को अनुभव किया। औषधि महत्व की वनस्पतियों की जानकारी दी गई। ऐतिहसिक एवं पुरातात्विक महत्व के विशिष्ट स्थलों का भ्रमण कराया जिसके अंतर्गत पिपलखुंटा हनुमान मंदिर का अवलोकन कराया। छात्र एवं छात्राओं को आवागमन एवं भोजन व्यवस्था के साथ अनुभूति सामग्री किट प्रदाय किया गया। सुबह वन भ्रमण की समस्त गतिविधियों के पश्चात् लिखित नेचर क्विज का आयोजन कर जैवविविधता पारिस्थितिक तंत्र, पशु पक्षी, वनस्पति प्रकृति आधारित प्रश्नों के माध्यम से प्रकृति परिचय कराया, जिसमें 3 जनवरी को शासकीय कन्या उच्चतर मावि थांदला की सोनल भूरजी वसुनिया को प्रथम, शा.बा.उ.म.वि.थांदला के श्यामु भूरजी भूरिया को द्वितीय एवं सुरेश सुरेश धुलिया मैंडा को तृतीय एवं 4 जनवरी को शाबाउमावि थांदला के आशीष चौहान को प्रथम, मिलेश कटारा को द्वितीय, मनीष कटारा को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।चयनित विद्यार्थियों को पुरस्कृत कर समस्त प्रतिभागीयों को प्रमाण.पत्र वितरित किए। भ्रमण कार्यक्रम में शा.बा.उमावि के शिक्षक एवं शा.क.उ मावि शिक्षिकाएं भी उपस्थित रहे। समारोह में 3 जनवरी को मुख्य अतिथि विधायक वीरसिंह भूरिया व जनपद अध्यक्ष जनपद पंचायत थांदला गेंदाल डामोर एवं मुख्य अतिथि जिला अध्यक्ष ग्राम वन समिति कोदर मुणिया व पिपलखुंटा मंदिर महाराज दयारामदासजी उपस्थित हुए। कार्यक्रम का आयोजन एसके रनशोरे उप वन मंडलाधिकारी झाबुआ, के नेतृत्व में रोहित चतुर्वेदी, वन परिक्षैत्राधिकारी थांदला द्वारा किया गया। अमरसिंह वाखला वनपाल, प्रेमसिंह नायक वनपाल, कोमलसिंह डिंडोर वनपाल, नवलसिंह नायक वनपाल एवं समस्त वन स्टाफ के सहयोग से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम का संचालन राजू वैद्य ने किया Post navigation नागरिकता संशोधन बिल को समझाने के लिए भाजपा ने विधानसभा में चलाया जन जागरुकता अभियान आयुष मेगा शिविर में मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए होम्योपैथिक औषधी का किया जाएगा वितरण