मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ क्षेत्र में विगत दिनों से चला आ रहा बारिश का सिलसिला जारी है जिस कारण खेतों में भरा पानी खेतों को मानों तालाब , तथा तालाबों को सागर बना दिया हो,जिस कारण खेतों में खड़ी फसलें खराब हो गई है। हमारे संवाददाता ने आज बारिश के बीच ग्रामीण क्षेत्रों चिचलाना,भोरदू,आम्बी,पस्टार,कनेरा आदि का भ्रमण किया तो वहां के कृषक, कमलसिंह कनेश, दिनेश मेहडा तेरसिंह, जगतसिंह आदि ने बताया कि इस वर्ष बारिश ने विगत वर्ष का रिकॉर्ड तोड़ दिया क्षेत्र में विगत लगभग एक पखवाड़े से वर्षा हो रही है वर्षा कभी तेज तो कभी रिम-झिम वर्षा हो रही है, क्षेत्र में इतनी अधिक बारिश हो चुकी है कि खेतों में खड़ी फसलें सड़ने लगी है , खेतों में खड़ी सोयाबीन, उड़द कपास मूंग चंवला तथा मक्का की फसलें खराब होने लगी है, ये फसलें इस क्षेत्र की प्रमुख आर्थिक तथा खाद्य फसलें हैं इनसे कृसकों का वर्ष भर का खर्च चलता है, फसलें खराब होने से किसानों को कर्ज में डूबने को मजबूर होना पड़ता है,वे साहूकारों तथा बैंकों से लिया कर्ज चुकता नहीं कर पाते हैं, इस बार भी खाद बीज नगद रूप में लिया गया कर्ज कैसे अदा कर पाएंगे सरकार को चाहिए कि क्षेत्र का सर्वे कराया जा कर उन्हें मुआवजा दिया जाए। Post navigation क्षेत्र में हो रही मूसलधार बारिश के कारण जन्माष्टमी महोत्सव फीका पड़ा डोल ग्यारस पर भगवान का डोला निकाला गया