रितेश गुप्ता, थांदला नगर में महिलाओं द्वारा परंपरागत वट सावित्री पूजन किया व अपने पति की दीघार्यु हेतु कामना की। स्थानीय पद्मावती तट स्थित वट वृक्ष का एवं स्थानो पर पूजन किया। नगर के प्राचीन वट वृक्ष पद्मावती किनारे जब स्थानीय महिलाएं पूजन करने पंहुची तो उन्हें खासी दिक्कतों का समाना करना पड़ा। वृक्ष के पास हो गए अतिक्रमण के चलते महिलाए वृक्ष के फेरे लेकर परिक्रमा करने की परंपरा को पूर्ण नहीं कर पाई व पूजन को अधूरा छोडऩा पड़ा। अतिक्रमण कारियो ने न केवल अतिक्रमण किया वरन वृक्ष के आसपास गंदगी का भी अंबार लगा दिया। परेशान बोल- निमिशा नागर- परम्परागत पूजन विधि पूर्ण नहीं कर पाए जो धागा बांध कर वृक्ष की जाती है। वर्ष तक पूजन करने हेतु पर्याप्त जगह थीष मगर इस वर्ष बहुत तकलीफ आई। दीपा गुप्ता- अतिक्रमकारियों ने वृक्ष की जगह को भी नही छोड़ा। साथ ही वृक्ष के पास गंदगी भी पसरी हुई थी। लीलाबाई- हम सभी वृद्ध महिलाओं को पूजन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जिम्मेदारों को इससे कोई सारोकार नहीं है। ) Post navigation व्यापारियों-राहगीरों के साथ लूटपाट करने वाली गैंग पुलिस गिरफ्त में, लूट का माल भी बरामद मारपीट करने वाले आरोपियों को 6 माह की सजा व अर्थदंड की सजा