मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत राष्ट्रीय ग्रामीण आर्थिक परिवर्तन परियोजना (NRETP) अंतर्गत कार्यरत 408 कर्मचारियों को विभाग ने 30 जून 2024 के बाद बाहर का रस्ता दिखा दिया हैं, इन कर्मचारियों ने महिलाओं के आजीविका बढ़ाने का ज़िम्मा उठाया उन्हीं की आजीविका खतरे में 408 कर्मचारी को बाहर करने के बाद इन कर्मचारी के परिवारों पर आफ़त के बादल छा गए हैं, इन परिवारों से इन की आजीविका छिन ली गई हैं। दो माह से इंतजार में हैं कर्मचारी केंद्र भारत सरकार (MoRD) से स्वीकृति के बाद भी इन कर्मचारियों को की बहाली नही की जा रही है। MoRD ने सभी राज्यों को पत्र माध्यम से इन कर्मचारियों की बहाली मिशन में मर्ज की बात कहीं जिस पर संज्ञान लेते हुए राजस्थान, असम, झारखंड, बिहार, गुजरात, उत्तरप्रदेश आदि राज्यों में इन कर्मचारियों को मिशन में मर्ज कर लिया हैं, लेकीन मध्य प्रदेश सरकार ने पिछले 2 माह से इन कर्मचारियो को सिर्फ झूठा आश्वासन दिया गया। अजब गजब MP MoRD के लेटर के बाद सभी राज्यों में कर्मचारी को मिशन में मर्ज कर लिया वही मध्य प्रदेश में पिछले माह कई कर्मचारियों ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से बहाली के लिए मुलाकात की लेकिन हर बार दिलासा ही मिल रहा है लखपति दीदी योजना में रहेगा महत्वपूर्ण योगदान यह कर्मचारी मिशन में पिछले ढाई साल से अपनी सेवा दे रहे हैं और NRETP परियोजना को देश में मध्य प्रदेश का प्रथम स्थान है जिससे कई परिवारों की आजीविका में बदलाव आया है तो प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा जो सपना देखा गया है 3 करोड़ परिवारों को लखपति बनाने के लिए उनमें इन 408 कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान हो सकता है साथ ही सरकार जहा बेरोजगारी खत्म करने की बात करती है वही एक और कार्यरत कर्मचारीयों को बाहर का रास्ता दिखा दिया भाजपा शासित अन्य प्रदेशों मे मोदी जी के सपने को साकार करते हुए एन आर ई टी पी प्रोजेक्ट मे कार्यरत सभी कर्मचारियों को मर्ज कर लिया गया जबकि वही भाजपा सरकार मध्यप्रदेश मे भी हैं, जहां भारत सरकार के लेटर का पालन नहीं किया गया मध्य प्रदेश मे कर्मचारियों को बेरोजगार कर के 408 परिवार को आर्थिक तंगी मे खड़ा कर दिया गया। Post navigation गैस टंकी और मिलावटी खाद्य की जांच करने की जाएगी कलेक्टर की अध्यक्षता में हुआ फोर्टिफाइड के खाद्य पदार्थों की कार्यशाला का आयोजन