जितेंद्र वर्मा, जोबट

फिजूल खर्ची पर रोक लगाने अंजुमन इस्लामियां कमेटी ने जोबट नगर में इज्तेमाई शादी का आयोजन किया। यहां विभिन्न जिलों के 17 जोड़ों ने एक साथ निकाह कबूल कर जिंदगी की नई शुरुआत की। इन जोड़ों को शादी स्थल पर आशीर्वाद देने समाज व अन्य समाज से पहुंचे लोगों के हजारों हाथ उठे।

अंजुमन इज्तिमाई कमेटी की इस शादी में खास बात यह रही कि यहां ढोल बजे न कोई तामझाम हुई। बारात निकली न कोई घोड़ी चढ़ा। अनावश्यक खर्च वाला कोई भी काम इस शादी में देखने को नहीं मिला। सादगी के साथ इज्तेमाई शादी में 17 जोड़े एक-दूसरे के हुए। शादी में दूल्हा-दुल्हन को जरूरत की सामाग्री तोहफे के रूप में प्रदान किया गया। सभी जोड़ों को निकाह शहर के काजी सैयद मोहम्मद हसन दादाजी की सरपरस्ती में हुआ। दूल्हा-दुल्हन के बीच आपसी मोहब्बत हमेशा बनी रहने व जिंदगी खुशियों से आबाद रहने की दुआ की गई।

जोबट की धरती पर पहली बार एक भव्य सामुहिक विवाह का आयोजन मुस्लिम समाज के द्वारा किया गया। जिसमें स्वयं नगर के एवम खरगोन, कुक्षी, अमझेरा, आम्बुआ, देवास, बड़ोदा, भाबरा, व अन्य कई जगहों के कुल 17 जोड़ो ने भाग लिया एवम विवाह के पवित्र बन्धन में बँधकर हमेशा साथ रहने का प्रण लिया।

गरीब एवम आर्थिक रूप से पिछड़े तबके से आने वाले लोगों के लिए इस महँगाई के दौर में अपने बच्चों का विवाह करना एक बोझ एवम कठिन काम है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य लोगों की कठिनाई दुर करना एवं उनके बोझ को कम करना है। ताकि एक गरीब बाप खुशी के आसुओं के साथ अपनी बेटी को बिदा कर सके। और एक बेटे का बाप सम्मानपुर्वक अपने बेटे का घर बसा सके।

कार्यक्रम का मैनेजमेंट इन लोगों के सहयोग से हुआ

मुख्य रूप से इस कार्यक्रम का कार्यभार एवं मेनेजमेंट सैयद तनवीरूल हसन साहब ने एवं मखमुद्दीन खत्री रेजर साहब, रईस पठान ने संभाला। इस कार्यक्रम को निस्पादित करने में समाज के नौजवानों की अहम भुमिक रही। जिसमे मुख्य भुमिका शाहरूख मकरानी, जुनेद खत्री खजांची, सलमान मकरानी, रमीज शेख राज, आमिर मकरानी, अमजद खत्री, अजहरुद्दीन कुरैशी, नासिर मकरानी, अयान मकरानी, शाहरूख खत्री, आसिफ मकरानी, अनस मकरानी, गोलू कुरैशी, मोईन खत्री, आरीफ मनिहार, शोएब मनिहार, आसिफ रंगरेज, आरिफ मकरानी वालपुर, अदनान मकरानी, आजम पठान, व अन्य की रही। इस कार्यक्रम की मुख्य विशेषता यह रही की यह धार्मिक एवं सामाजिक एकता का प्रतीक रहा। जिसमें सभी धर्मों के गणमान्य एवं समाजसेवी नागरीक आमन्त्रित रहे एवं सभी ने भाग लिया। साथ ही इस भव्य कार्यक्रम में पुर्ण मुस्लिम समाज के भोजन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के आयोजन का कुल खर्च सम्पुर्ण मुस्लिम समाज ने अठाया। इस कार्यक्रम कवरेज देने के लिये मिडिया ने अपनी अहम भुमिका निभाई। एवं प्रोग्राम के हर क्षण को कवर किया एवं प्रशासन अमले का सराहनीय सहयोग रहा। यह सम्पूर्ण कार्यक्रम का आयोजन अंजुमन इज्तेमाई कमेटी के बेनर तले किया गया एवं पुरे समाज के लोगो ने आभार व्यक्त किया।

सामूहिक विवाह बेहतर : तनवीरूल हसन

अंजुमन इस्लामिया कमेटी के अध्यक्ष तनवीरूल हसन साहब ने कहा कि शादी हो या अन्य कार्यक्रम लोगों को अनावश्यक खर्चे से बचना जरूरी है। समाज को अपना पूरा फोकस शिक्षा पर करना चाहिए। शिक्षित समाज देश के विकास में अपना अहम योगदान देता है। शादी में दिखावटी खर्च कई बार प्रतिस्पर्धा का रूप ले लेता है, ऐसे में माता-पिता को कर्ज लेकर तक शादी कार्यक्रम निबटाना पड़ता है। इससे बचने सामूहिक विवाह बेहतर है।

अंजुमन अध्यक्ष की पहल को लोगों ने सराहा

मुस्लिम समाज के सामूहिक विवाह में आए हुए लोगों ने पत्रकार से चर्चा करते हुए कहां कि इस समय सभी समाज में शादियां महंगी हो गई है। लोग शादियों में लाखों रुपये खर्च कर रहे हैं जबकि समाज में ऐसे लोग भी रहते हैं, जो इस सोच में डूबे रहते हैं कि अपने बेटे-बेटियों की शादी के लिए खर्च का इंतजाम कहां से करेंगे। ऐसे लोगों के लिए इज्तेमाई निकाह का कार्यक्रम काबिले तारीफ है। अंजुमन अध्यक्ष की यह पहल सराहनीय है।

तोहफे में दिया गया जरूरत के सामान

इज्तेमाई निकाह करने वाले जोड़ों को जरूरत के सामान तोहफे में दिए गए। इसमें प्रमुख रुप से कुरआन शरीफ, जानमाज़,नकाब,कुलर,अलमारी,लकड़ी का पंलग,गद्दा व तकिये, बेडसीट, कम्बल,सिलिंग फेन,सिलाई मशीन, चांदी की पायजेब, चांदी की बिछुड़ी, गैस चुल्हा,बर्तन सेट, बाथरूम सेट, ट्रॉली बेग,दीवार घड़ी, प्रेस,कुर्सी – 2 नग,प्रेशर कुकर वे कांच के समान शामिल हंै। सभी जोड़ों को एक-एक सेट सामान प्रदान किया गया। तोहफों को ग्राउंड में सजाकर रखा गया था, शादी की रौनक के बीच मेले जैसा माहौल नजर आया।

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