झाबुआ। मध्यप्रदेश में एक बार फिर आज से ब्लैक आउट की तैयारी है। चुनावी राज्य मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के महज आठ महीने शेष बचे हैं। ऐसे में हड़ताल, विरोध प्रदर्शन का दौर जमकर चल रहा है। अब तक राज्य में आउट सोर्स और संविदा बिजली कर्मचारी हड़ताल पर थे, लेकिन सोमवार रात से नियमित कर्मचारी भी हड़ताल पर चले गए हैं. नियमित कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से एमपी में बिजली व्यवस्था गड़बड़ा सकती है।
*नियमित कर्मचारियों ने शुरू की हड़ताल*
प्रदेश भर के आउटसोर्स कर्मचारियों के साथ संविदा कर्मचारी भी हड़ताल पर हैं। आश्वासन पूरा ना होने से बिजली कर्मी सरकार से नाराज बताए जा रहे हैं. राज्य में बिजली कंपनी के आउट सोर्स और संविदा कर्मचारी पांच सूत्रीय मांगों लेकर बीते तीन दिन से हड़ताल पर हैं। वहीं अब इन बिजली कंपनी के आउटसोर्स और संविदा कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों का भी साथ मिल गया है। सोमवार रात 12 बजे से नियमित कर्मचारी भी हड़ताल पर चले गए हैं। आउटसोर्स और संविदा कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने के कारण अब तक नियमित कर्मचारी काम संभाल रहे थे, लेकिन अब ये कर्मचारी भी हड़ताल पर चले गए हैं।
*इन मांगों को लेकर हड़ताल*
कर्मचारियों की मागों में संविदा नियमितीकरण, आउट सोर्स का संविलियन और वेतन वृद्धि, ओपीएस सभी वर्गों की वेतन विसंगति दूर करने के साथ-साथ पेंशन ट्रस्ट बनाए जाने की मांग शामिल है। कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से जनता को खासी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। आपाताकालीन सुविधा में भी बाधा उत्पन्न हो सकती है। इसी तरह बड़े उद्योगों में बिजली में खराबी आने और सुधार नहीं होने पर उत्पादन में विपरीत असर पड़ सकता है। बता दें कि झाबुआ जिले में बिजली कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने की वजह से राज्य में बिजली व्यवस्था गड़बड़ा सकती है।

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