प्रदेश में अभी हाल ही में आदिवासी क्षेत्रों में पैसा कानून के तहत जिला/ब्लॉक समन्वयक पदों व सीएम राइज स्कूलों में कम्प्यूटर डाटा एंट्री के पदों में पिछले दरवाजे से की गई नियुक्ति धांधली, प्रदेश में लगातार बढ़ते पेपर लीक के मामलों और भयावह बढ़ती बेरोजगारी के खिलाफ ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक यूथ ऑर्गनाइजेशन(AIDYO) मध्यप्रदेश राज्य कमेटी के आह्वान पर 17 मार्च को राज्यव्यापी विरोध दिवस रखा गया है।

राज्य सचिव प्रमोद नामदेव ने प्रेस बयान में बताया कि सरकार पिछले दिनों से 1 लाख नौकरियां देने का वादा कर रही है। ऐसे ही वादे केंद्र सरकार ने भी किए थे।पर हकीकत सामने जब आई जब विधानसभा में जानकारी दी गई की प्रदेश में 39 लाख पंजीकृत बेरोजगार है और अभी तक सरकार ने मात्र 21 लोगो को ही नोकरी दे पाई है। पिछले 4 सालों से प्रदेश में एक भी भर्ती पूर्ण नही कर पाई है। प्रदेश में लगभग 90 लाख के ऊपर युवा बेरोजगार है। जबकि लाखों पद सरकारी विभागों में खाली पड़े हैं। बेरोजगारी के कारण युवा आत्महत्या करने पर विवश है । ऐसी स्थिति में सरकार प्रदेश के युवाओ के साथ दोगला व्यवहार कर रही है ।

अभी हाल ही में अखवारों व सोशल मीडिया से पता चला कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने 20 जिलों में पेसा कानून जिला समन्वयकों और 89 ब्लॉक समन्वयकों की भर्ती की है, जो सवालों के घेरे में है। कहानी ऐसी है कि सरकार ने पहले तो भर्ती का विज्ञापन जारी किया। मेरिट के आधार पर 890 अभ्यर्थियों की सूची बनाई। बाद में वक्त कम होने की बात कहकर प्रक्रिया ही निरस्त कर दी और कथित तौर पर अपात्र लोगो को नौकरी पर रख लिया और जो इस नोकरी के असली हकदार थे उन्हे कुछ नही मिला। इसी तरह सीएम राइज स्कूलों में डाटा एंट्री ऑपरेटर की नियुक्ति की गई है,ये भर्ती कब हुई इसका किसी को पता ही नहीं चला होगा जो एक जिलें की लिस्ट वायरल हुई है उस लिस्ट को ध्यान से देखने से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि किसी बड़े नेता ने सिर्फ अपने चहेतों को नियुक्ति दी गई है।

उन्होंने आगे कहा सरकार प्राइवेट कंपनियों को परीक्षा कराने का ठेका दे रही है जिसके कारण कि देशभर सहित मप्र में पिछले 5 सालों में 18 बार पेपर लीक के मामले आ चुकें है। परीक्षा सेंटर पर सर्वर डाउन होना कंप्यूटर बंद होना जैसी कई समस्याएं छात्र झेल रहे है। इन सब के कारण सवा करोड़ से ज्यादा युवाओं को परेशानी झेलना पड़ा है। जिसके चलते कई हज़ारों युवाओं ने आत्महत्या जैसे घातक कदम उठाएं है।

इनसब समस्याओं के खिलाफ युवा संगठन AIDYO संघर्षरत है। हम प्रदेश युवाओं से आह्वान करतें है बिन संघर्ष के हल नही है। आंदोलन ही एक मात्र रास्ता है। ये चुनावी मौसम में सिर्फ कोरे वादे-कोरी घोषणाएं ही करेंगे। जनआंदोलन के आधार पर हम आपना रोजगार का हक ले पाएंगे। आगामी 17 मार्च को प्रदेशभर में जिला स्तर पर धरने/प्रदर्शन/रैली/ज्ञापन कार्यक्रम आयोजित किये जाये। प्रदेश के युवाओं से अपील है कि आप इस आव्हान को सफल बनाये।

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