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मदरानी में नल-जल योजना चालू हुए करीब सात माह हो चुके है लेकिन ग्रामीणों की समस्या आज भी जस-की-तस बनी हुई। आज गांव में नल की सुविधा है लेकिन उसे सुचारु रूप से नहीं चलाने के कारण गांव में पेयजल की समस्या दिन-ब-दिन गहराती ही जा रही है, लेकिन जिम्मेदार है कि इस ज्वलंत समस्या से नहीं कोई लेना-देना नहीं है। अब ग्रामीण परेशान है और पानी की जरूरत पूरा करने के लिए वे सुबह ठंड में जल्दी उठकर दूर-दराज स्थानों से पानी लाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब भी जब भी जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को नल-जल योजनाओं की समस्या के बारे में बात की जाती है तो वे सिर्फ जल्दी ही समस्या दूर कर दी जाएगी, कहकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। ग्रामीणों का कहना है वे यह समस्या जिम्मेदार को फोन पर बताते हैं मौसम के हिसाब से जवाब देते हैं जैसे कि बारिश में गंदा पानी रहता है, ठंंड में मोटर व मशीन खराब हो जाती है एवं गरमी में पानी सूख जाता है। मदरानी ग्रामवासियों को आखिर कब पानी मिलेगा यह बताने की स्थिति में कोई भी जिम्मेदार कर्मचारी-अधिकारी नहीं है। इधर नल-जल योजना से जुडक़र काम कर रहे अस्थाई कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने जो काम किया है उसका वेतन आज तक नहीं दिया गया है इसलिए वे भी आर्थिक रूप से परेशान है।