झाबुआ। आसरा परमार्थिक ट्रस्ट के तत्वावधान में दीवंगत सांसद दिलीपसिंह भूरिया को श्रद्धाजंलि देने के लिए नगर की करीब दो दर्जन से अधिक सामाजिक संस्थाओं ने एकत्रित होकर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए शोकसभा का आयोजन शुक्रवार शाम किया गया। शोकसभा को संबोधित करते हुए शिवगंगा प्रमुख महेश शर्मा ने कहा कि जिले को पूर्णतः नशे से मुक्त करके ही स्वर्गिय भूरिया को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की जा सकती है। इसके लिये सभी को एकजुट होकर नशामुक्त जिला बनाने का अभियान चलाना चाहिये। जिससे भूरियाजी के सपनों का झाबुआ जिला सुखमय एवं समृद्धिषाली बन सकेगा। इतिहासकार प्रो. के के त्रिवेदी ने कहा कि भूरियाजी के सादगी पूर्णजीवन को लोगों के लिये आदर्ष का केन्द्र था । इतने बडे पद पर रहने के बाद भी उन्हे किसी प्रकार का घमंड नही था । छोटा हो या बडा सभी के कार्य वे बडी गंभीरता से करते थे। वही डा. विक्रांत भूरिया ने भूरियाजी के राजनैतिक आचरण की प्रशंसा करते हुए कहा कि काजल की कोठरी मंे रहते हुए वे पूरी तरह बेदाग रहे। वे हमेषा पक्ष और विपक्ष दोनों की सुनने के बाद ही किसी निर्णय पर पहुंचते थे,ऐसे आचरण वाले राजनीति में बिरले ही होते हैं। वरिष्ठ साहित्यकार एवं भूरिया के बालमित्र मांगीलाल सोलंकी ने कहा कि सांसद भूरिया अपने बातों के धनि व्यक्ति थे वे जो भी वादा करते उसे पूर्णतः निभाते थे। इतने बड़े पद पर पहूंचने के बाद भी वे अपने बचपन के दोस्तों सादगी पूर्ण तरीके से मिलना नही भूलते थे। सकल व्यापारी संघ के अध्यक्ष निर्मल अग्रवाल ने कहा कि भूरियाजी को संबंधों को निभाना बखूबी आता था, बड़ा हो या छोटा जिनसे भी संबंध बन जाते वे अमीट हो जाते ।
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