चल समारोह के प्रचार हेतु प्रचार रथ रवाना

झाबुआ
2नवदुर्गा महोत्सव समिति राजगढ नाका, झाबुआ द्वारा शारदेय नवरात्रि के प्रथम दिवस घट स्थापना के अवसर पर निकाला जाने वाला चल समारोह अब जिले की पहचान बन चुका है। इस कार्यक्रम को लेकर 4 अक्टूबर को ऐतिहासिक बैठक संपन्न होने के बाद से ही अचंल चल समारोहमय हो चुका है। गली, मोहल्लो चोराहों पर सर्वत्र एक ही विषय पर चर्चा हो रही है, जो चल समारोह व उससे जुड़े अतिथि कलाकारो को लेकर होती है। अब अंचल में सभी को इंतजार है 13 अक्टूबर की दोपहर का जब चल समारोह प्रारंभ होगा। अंचल में चल समारोह की लोकप्रियता को देखते हुए जिला प्रशासन ने विगत वर्षो से चल समारोह वाले दिन को स्थानीय अवकाश मे शामिल किया है। अंचल के सुदूरवर्ती क्षेत्र में जन सामान्य को चल समारोह मे शिरकत करने वाले देश के विभिन्न भागो से पधारे अतिथि कलाकारो का ब्योरा देने हेतु प्रत्येक वर्ष समिति द्वारा एक प्रचार वाहन भेजा जाता है। शुक्रवार स्थानीय फव्वारा चोक बस स्टैंड से प्रातः समारोह पूर्वक छाजेड बजाज के संचालक मनोहर छाजेड के मुख्य आतिथ्य में प्रचार रथ रवाना किया गया। प्रचार के लिए भीली भाषा में उदय बिलवाल की आवाज में एक आॅडियो रिकाॅर्डिंग भी की गई है। जिसका प्रचार वाहन द्वारा सतत प्रसारण किया जाएगा। इस अवसर पर शैलेष दुबे, विजय नायर, ओम शर्मा, संजय शाह, राकेश परमार, प्रवीण सुराना, अशोक त्रिवेदी, बबलू सकलेचा, नरेन्द्र पंवार, भंवर बोस सहित समिति के समस्त कार्यकर्ता उपस्थित थे। कार्यक्रम का सफल संचालन तेजनारायण द्विवेदी द्वारा किया गया। आभार प्रदर्शन रवि शर्मा द्वारा व्यक्त किया गया।
सकारात्मक सोच के साथ निकाला जाएगा चल समारोह
7 नवदुर्गा महोत्सव समिति राजगढ नाका द्वारा 13 अक्टूबर घट स्थापना के दिन निकाले जाने वाले ऐतिहासिक चल समारोह को लेकर शुक्रवार को स्थानीय नीजि होटल के सभाकक्ष मे मीडिया सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि कृषि वैज्ञानिक इन्द्रसेन तोमर, उद्योगपति संतोश जैन नाकोडा के अलावा शैलेष दुबे एवं ओम शर्मा विषेश रूप से उपस्थित थे। इस अवसर पर नगर की प्रिंट एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया के पत्रकारों का पुयपगुच्छो से स्वागत किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में स्वागत गीत राजेन्द्र द्वारा प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर पत्रकारों से मुखातिब होते हुए राजगढ़ नाका मित्र मंडल के शैलेष दुबे ने 13 अक्टूबर को निकाले जाने वाले चल समारोह की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि यह आयोजन एक समिति का नही होकर संपूर्ण शहर के सभी वर्गेा एवं जाति, धर्म के लोगों का सामूहिक कार्यक्रम है। उन्होने मीडिया की सार्थक एवं सराहनीय भूमिका की प्रशंसा करते हुए कहा कि पूर्व में भी इस आयोजन को स्वरूप देने में मीडिया की भूमिका निष्चित ही प्रशंसनीय रही है और यह कार्यक्रम जिले की सांस्कृतिक पहचान बन सका। दुबे ने कहा कि जन्माष्टमी के दिन से इसके कार्यालय का शुभारंभ नगर के वरिष्ठजनों के हाथो हुआ है। मित्र मंडल से जुडे सैकडो कार्यकर्ताओं से निर्लिप्त एवं सेवा भावना के साथ सौपे गये दायित्वों का निर्वाह किया है। उन्होने आयोजन के पूर्व तरूणनाद, महिलाओं के हल्दी कुंकु कार्यक्रम, पेटलावद त्रासदी में आहत लोगों को श्रद्धाजंलि के अनूठे कार्यक्रम, के साथ ही विगत दिनों प्रतिभा सम्मान कार्यक्रम के आयोजन के साथ ही रथ की बिदाई एवं पत्रकार वार्ता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होने बताया कि 13 अक्तुबर को निकाले जाने वाले चल समारोह को लेकर 11 अक्तुबर को दोपहर 3 बजे से एमटू-परिसर से करीब 1500 लोग निवेदन यात्रा निकाल कर नगर में सभी समुदायो,संस्थाओं से कार्यक्रम में सहभागी होने का अनुरोध करेगें । उन्होने बताया कि विषाल चल समारोह में 20 राज्यों सांस्कृतिक दल सहभागी होगें जिसमें असम का बिहू डांस, महाराश्ट्र का लावणी नृत्य, सब टीवी के प्रसिद्ध धारावाहिक तारक मेहता का उल्टा चष्मा कि लोकप्रिय कलाकर नट्टू काका, वागा, अब्दुल तथा बावरी अपनी चिरपरिचित अंदाज में मनोरंज करेगें वही हिन्दी फिल्म षहर मसीहा नही के मुख्स कलाकार राजन तथा नायिका त्रिषा मुख्य आकर्शण का केन्द्र रहेगें । प्रथम बार उत्तराखंड का लोकनृत्य दल, पंजाब की लडकियों के अखाडे़ एंथोनी ग्रुप गोआ का डांस, पूना की लडकियों द्वारा ढोल ताषों का प्रदर्षन, काटूनों का सजीव प्रदर्शन, थांदला के बालकों का योगा दल, छत्तीसगढ का गोंड नृत्य, लोक प्रिय आदिवासी कलाकार विक्रम चैेहान की टीम का संगीतमय कार्यक्रम, नई दिल्ली से आ रहे बाबा रामदेव के हमषक्ल का योग प्रदर्षन, बंगाल के कलाकारों द्वारा बनाई गई माती की मनभावन प्रतिमा, संतो की सवारी, त्रिवेणी परिवार की जीवंत झांकी मुख्य आकर्शण का केन्द्र रहेगी ।दुबे ने चल समारोह के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी विस्तार से बताया ।