घटस्थापना के साथ शारदीय नवरात्रि का आगाज, कोरोना के कारण भक्तों में मायूसी- नहीं होंगे गरबा

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मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ 

 आदिशक्ति मां नवदुर्गा की आराधना का महोत्सव जिसका माता भक्त वर्ष भर इंतजार करते हैं। इस वर्ष भी शारदीय नवरात्र का शुभारंभ शुभ मुहूर्त में घट स्थापना तथा मूर्ति स्थापना के साथ होने का समाचार है कोरोना की गाइडलाइन का शासन प्रशासन द्वारा सख्ती के साथ पालन कराने के कारण इस वर्ष भीड़-भाड़ वाले आयोजन नहीं होने से गरबा रास वाले भक्तों में निराशा है।

जैसा की विदित है हिंदू समाज में शारदीय नवरात्र का विशेष महत्व है नौ देवियों की विशेष आराधना कर माता भक्त देवियों को प्रसन्न करते हैं ।हवन पूजन अनुष्ठान आदि अनेक प्रकार के से माता जी की भक्ति की जाती है। शारदीय नवरात्र में अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग तरीके से आराधना की जाती है ।मध्य प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्र जो कि गुजरात प्रांत से सटा हुआ है यहां पर गुजराती संस्कृति की झलक देखने को मिलती है पूजा आरती के साथ ही गुजराती डांडिया या गरबा नृत्य का रंगारंग कार्यक्रम देर रात तक गरबा पंडालों में दिखाई देता रहा है।इस वर्ष कोरोना के कारण शासन प्रशासन ने मूर्ति स्थापना मंडल सजावट तथा ध्वनि विस्तारक यंत्रों का सीमित समय तथा प्रयोग की छूट के साथ-साथ भीड़ भाड़ करने तथा गरबा नृत्य नहीं करने का निर्देश नवरात्रि समितियों को दिए हैं जिनका पालन किया जाना है । गरबा नृत्य नहीं होने से माता भक्तों विशेषकर युवा वर्ग में निराशा का माहौल है ।आम्बुआ में टेकरी वाली तथा हथिनेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण, मेलडी माता मंदिर, चामुंडा माता (इंदिरा आवास), कुमार मोहल्ला तथा संकट मोचन दरबार आश्रम चौराहा में घट स्थापना एवं मूर्ति स्थापना की जाकर शारदीय नवरात्र का शुभारंभ हुआ जहां पर सुबह 8 बजे तथा शाम 8 बजे माता की आरती सीमित भक्तों के साथ की जाएगी विसर्जन का जुलूस नहीं निकाला जाकर सीमित संख्या में भक्तगण माता जी की प्रतिमा एवं घट तथा जवारे विसर्जन करेंगे।

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