अतिथि शिक्षकों ने विधायक भूरिया को ज्ञापन सौंप 5 माह का वेतन दिलाने की लगाई गुहार

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रितेश गुप्ता, थांदला
अतिथि शिक्षकों का 5 माह वेतन न मिल पाने के कारण समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। परेशान अतिथि शिक्षक कभी प्रशासन तो कभी जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपकर अपनी वेतन न मिल पाने के कारण हो रही समस्याओं से अवगत करवा रहे। अतिथि शिक्षकों ने कुछ दिन पहले क्षेत्रीय विधायक वीरसिंह भूरिया को वेतन न मिल पाने के संबंध में ज्ञापन सौंपा तो अनुविभगीय अधिकारी थांदला के नाम का ज्ञापन तहसीलदार देकर मांग की। गौरतलब है कि थांदला विकासखंड के 300 से अधिक अतिथि शिक्षकों का माह जुलाई से भुगतान नही हुआ है। बीते सत्र की कुछ राशि का भुगतान जरूर बीते महीने में शासन द्वारा किया गया हैै।

भुगतान न होने से बन रही विवाद की स्थिति

अतिथि शिक्षकों का यहां तक भी कहना है कि शासन द्वारा उन्हें भुगतान हेतु बजट आया था मगर उसे शिक्षिका सीमा दसोंधी के 14 वर्ष के एरियर के रुप में भुगतान कर दिया है। परन्तु शिक्षिका व बीईओ का कहना है कि शासन द्वारा जो बजट भेजा है वह अतिथि शिक्षकों के लिए नहीं वरन 14 वर्ष का बकाया एरियर है। दोनों भुगतान की मद एक ही होने के कारण भ्रांति पैदा हो रही है। बालक उत्कृष्ट हायर सेकंडरी स्कूल थांदला के अतिथि शिक्षकों ने थांदला विधायक वीरसिंह भूरिया को शिकायत कर विरोध प्रकट किया कि हमारा आवंटन किसी अन्य शिक्षिका के एरियर में भुगतान कर दिया गया है, जब शिक्षिका सीमा दसोंधी से संपर्क किया तो उनका कहना था कि शासन पत्र क्रमांक 28083 दिनांक 18 अक्टूबर 2019 मांग संख्या 33 मुख्य शीर्ष 2202 में अंकित बजट 15 लाख 91 हजार रुपए उनके स्वयं के 84 माह के वेतन एरियर था, जिसका भुगतान नियमानुसार किया गया। शिक्षिका ने यह भी बताया कि मात्र 7 हजार मानदेय पर 12 वर्षों तक कार्य किया और विशेष परिस्थिति में आवंटन प्राप्त कर भुगतान लिया गया है। जबकि मूलत: यह राशि बिल में दर्शाए अनुसार ही थी। अगर अतिथि शिक्षकों का आवंटन 4 माह का है तो उसकी राशि का भी अधीनस्थ कार्यालय में बिल से मिलान कर ले कि कितनी राशि का बजट चाहा गया था। अतिथि शिक्षकों के मानदेय में शिक्षिका की कोई भूमिका नहीं है, फिर भी सोशल मीडिया के माध्यम से उनको प्रताडित करना कहां तक उचित है? किसी अन्य का नहीं किंतु मेरे हक का रुपया है जिसका भुगतान मेरे द्वारा लिया गया है।

बीईओ क्रिस्टिना डोडियार ने बताया कि भुगतान की मद एक होने के कारण अतिथि शिक्षकों में भ्रम पैदा हो रहा है जबकि उनके लिए मांग कि गई बजट कि राशि एरियर हेतु प्राप्त राशि की 4 गुना से भी अधिक है। अतिथि शिक्षको के वेतन भुगतान हेतु लगातार मांग की जा रही है। इस सत्र के लिये अब तक कोई बजट न आ पाने के कारण अतिथि शिक्षकों का भुगतान नहीं हो पाया है। सीमा दसौंधी के एरियर हेतु जो बिल पेश किये थे उसके बिल अनुसार राशि शासन द्वारा भेजी गई जिसे ट्रेजरी द्वारा ई-पेमेंट किया गया।

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