फिरोज खान, अलीराजपुर
अतिथि शिक्षकों को नियमित कर उनके बकाया मानदेय का भुगतान सरकार तुरंत करे। जिससे संकट के इस दौर में अतिथि शिक्षकों को जीवन यापन करने में सहायता मिल सके। ये बात मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को भेजे पत्र में विधायक मुकेश पटेल ने की।विधायक पटेल ने बताया कि मप्र के सभी शासकीय शिक्षण संस्थाओं में लगभग 70 हजार अतिथि शिक्षक विगत 12-13 वर्षाे से सेवा दे रहे है और लंबे समय तक सेवा देने के बाद भी अप्रैल माह से हटा दिया गया है। ताकि नियमित करने की बाध्य्ता खत्म हो जाए, जो सर्वथा अनुचित है। शासन के लिए 12-13 वर्षो तक सेवा देने के बावजूद भी अतिथि षिक्षकों का भविष्य सुरक्षित नहीं है, वे आर्थिक क तंगी से गुजर रहे है।
विधायक पटेल ने मुख्यमंत्री से मांग की कि शिक्षक पात्रता के मापदंडो को पूरा करने वाले अतिथि शिक्षको को नियमित करने की कार्रवाई पूर्ण की जाए। अतिथि शिक्षकों की सेवा अवधि जून 2020 तक बढ़ाकर मानदेय दिया जाएं। दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश की तरह ही अतिथि शिक्षकों के हित में नीति बनाई जाए। पांच सत्र 600 कार्य दिवस पूर्ण करने वाले अतिथि शिक्षकों को वर्तमान मानदेय पर चार सत्र के लिए यथावत किया जाए। एक वर्ष से लेकर चार वर्ष तक सेवा देने वाले अतिथि शिक्षकों को प्रतिवर्ष 10 अंक का अनुभव लाभ देकर वरिष्ठता के आधार पर रखा जाए ताकि वर्षो तक सेवा देने वाले अतिथि शिक्षक बेरोजगार न हो।

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