झाबुआ live के लिये परवलिया से हरीश पंचाल की रिपोर्ट विद्युत विभाग द्वारा जिस ठेकेदार को झाबुआ का ठेका दिया था उस ठेकेदार ने pf के नाम से काटी राशी हडपी अब यह भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी, 200 से 300 आउटसोर्सिंग कर्मचारी मध्य प्रदेश विद्युत मंडल झाबुआ आउटसोर्सिंग के तहत ठेका कंपनी मैसर्स रतन एंपोरियम कंपनी धार जिला मध्य प्रदेश 30 जून 2017 को समाप्त हो गया था उनकी अधिनियम लगभग 250 से 300 आउटसोर्सिंग कर्मचारी कार्यरत थे।रतन एंपोरियम धार का ठेका उनकी अनियमितता के कारण खत्म कर दिया गया था प्रका खत्म होने के बाद PF भविष्य निधी के नाम से वेतन मैसेज काटा जाता है ताकि यह पैसा ठेकासमाप्त या दुर्घटना के बाद भविष्य में काम आए पर 30 जून 2017 को ठेका समाप्त होगा था पर अभी तक पीएफ का पैसा कर्मचारियों को नहीं दिया गया फोन पर चर्चा करने पर बताया गया की विड्रोल फार्म भरकर जमा करवा दो एक माह के अंदर आपका पैसा मिल जाएगा हमने तुरंत फार्म जमा करवा दिए गए लेकिन आज दिनांक तक किसी का EPF का पैसा खाते में नहीं आया कार्यरत की अवधी की संपूर्ण राशि आज दिनांक तक नहीं डाली गई ठेका कंपनी रतन एंपोरियम धार द्वारा दिए गए यूएन नंबर जारी किए गए है लेकिन उनमें नियमानुसार जो अंशदान डालना चाहिए था वह उससे बहुत कम डाला है हम कर्मचारियों के वेतन से कितना अंशदान काटा गया है और शासन के अनुसार कितना अंशदान डाला गया है की स्लिप ऑनलाइन देखने पर पाया गया कि कर्मचारियों का शेर ₹8 एवं नियुक्त शेर ₹2 होकर पेंशन अंशदान शुन्य है उदाहरण अरुण पिता धन्ना स्थापना ID MPINDOO2387300सदस्य ID. MPIND00238730000004763 स्लिप 8-9-2017 है। उपरोक्त स्लिप से यह स्पष्ट होता है की कर्मचारियों के खाते में काटी गई राशि नहीं डाली गई जिसके बाद कई बार दूरभाष पर बात करने की कोशिश की गई पर संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया और कई बार तो फोन बंद या कॉल रिसीव नहीं करते जिससे यह स्पष्ट होता है की रतन एंपोरियम कर्मचारियों को पैसा देने के नहीं है। Post navigation एकात्मक मानव यात्रा में हजारों की संख्या में उमड़ा जनसैलाब अमूल क्या इतना आगे है कि 24 घंटे पहले की तारीख छाप दूध बेचता है !