Trending
- जोबट मंडल अध्यक्ष बने नरेंद्र मंडलोई, भाजपा ने जारी की सूची
- एकीकृत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों को दी विदाई
- मोदी सरकार का बजट गरीब किसान, युवाओं और महिलाओं को समर्पित – कैबिनेट मंत्री निर्मला भूरिया
- नानपुर के पास सड़क हादसा: बल्कर की टक्कर से बाइक सवार चार युवक घायल, मामला दर्ज
- आंगनवाड़ी सहायिका नियुक्ति में रिश्वत मांगने का आरोप, महिला बाल विकास विभाग के बाबुओं पर सवाल
- जोबट में तेज रफ्तार बाइक का कहर: मां-बेटे को मारी टक्कर, डेढ़ साल का बच्चा घायल
- शहीद चंद्रशेखर आजाद की समाधि स्थल पर अखंड दीपज्योति, राष्ट्रीय अधिवेशन होगा
- CAIT की राणापुर तहसील इकाई का हुआ गठन : पंकज जागेटिया अध्यक्ष, धर्मेश जैन बने महामंत्री
- कैंसर रोगियों को चिकित्सकीय सहायता के साथ भावनात्मक व सामाजिक सहायता आवश्यक : डॉ खुशी शर्मा
- नन्हीं मुस्कानों के लिए बढ़े हाथ : आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने निजी खर्च से बच्चों को बांटे कपड़े
गुजरात में शराबबंदी को पलीता लगाने और मुनाफा कमाने के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने एक नायाब तरीका विगत 5 साल पहले निकाला और उस पर अभी भी अमल जारी है। दरअसल गुजरात से सटे मध्यप्रदेश के आदिवासी बहुल झाबुआ और अलीराजपुर जिले में गुजरात की सीमा के समीप ऐसे आदिवासी गांवों में विदेशी शराब की दुकानें खोल दी गई, जहां के आदिवासी अधिकांश बीपीएल है यानी वे महंगी शराब पी ही नहीं सकते लेकिन यह गांव शिवराज सरकार को इसलिए ठीक लगे क्योंकि यहां से शराबबंदी वाला राज्य गुजरात 300 मीटर से 10 किमी की दूरी पर है और हैरत की बात यह है कि झाबुआ जिला मुख्यालय या अलीराजपुर जिला मुख्यालय जहां गैर-आदिवासियों की आबादी अधिक है और जनसंख्या ज्यादा है वहां की विदेशी शराब की दुकानों के मुकाबले गुजरात बॉर्डर के एक एक हजार से कम आदिवासी आबादी वाले गांवों की विदेशी शराब की दुकाने करोडों रुपए में गई है, तो कागज पर तो यहां का आदिवासी बदनाम हो रहा है कि विदेशी शराब करोड़ों की वह बीपीएल होकर भी पी जाता है लेकिन हकीकत में गुजरात बॉर्डर पर यह दुकाने इसलिए खोली गई है ताकी दुकानों तक परमिट और उसकी आड़ में शराब लाई जा सके और वहां से शराब अलग-अलग तरीकों से गुजरात भेज दी जाती है। मगर आबकारी के रिकॉर्ड में यह करोड़ों की शराब इन बीपीएल बहुल सीमावर्ती गांवों के आदिवासी पी जाते है झाबुआ जिले में पिटोल, वटठा, मदरानी, मांडली, मदरानी और काकनवानी गुजरात बॉर्डर पर खोली गई विदेशी शराब की दुकानें है तो अलीराजपुर मे सेजावाड़ा, चांदपुर, कठठीवाड़ा, उमराली, छकतला में यह दुकानें खोली गई है।