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क्षेत्र को बदनावर और उज्जैन से जोडऩे वाला प्रमुख मार्ग झकनावदा खिन्दाखो-धतुरिया से माही डेम होकर लाबरिया पहुंचने वाला प्रमुख मार्ग खस्ताहाल है। झकनावदा से बदनावर की दूरी 50 किमी है और माही डेम की दूरी 17 किमी है पर रोड पर अब गिट्टी पूरी तरह से बाहर आचुकी है, जिसके चलते बदनावर पहुंचने में करीब दो से ढाई घंटे लगते है। जर्जर रोड के कारण झकनावदा-बदनावर मार्ग पर चलने वाली बसे बंद हो गई, जिससे यात्रियों की फजीहत समझी जा सकती है। वही बस मालिक का कहना है। रोड की वजह से टायर और बस दोनो में नुकसान होता है। उज्जैन जाने वाले भी अब पेटलावद होकर जाने को मजबूर है, जिससे उन्हें 50 किमी अधिक सफर कर अपने मुकाम पर पहुंचना पड़ रहा है।
प्रधानमंत्री सडक़ योजना मे बनाए गए झकनावदा-उमरकोट रोड को डिजिटल इंडिया में काम कर रही कंपनी ने पूरी तरह एक साइड से खोद दिया, जिससे चार पहिया तो ठीक दोपहिया वाहनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बडा सवाल यह उठता है कि सरकार ने हर गांव को प्रधानमंत्री सडक़ योजना के माध्यम से जोड़ तो दिए और पैचवर्क के नाम पर लाखों दिए भी हैं लेकिन वे कहां जाते हैं रोड में हो चुके गड्ढों को देखकर समझा जा सकता है।