झाबुआ लाइव के लिए थांदला से रितेश गुप्ता की रिपोर्ट- स्थानीय सरस्वती नंदन स्वामी आश्रम गुरूद्वारा में आध्यात्मिक आनंद रास से दूर-दूर से आए हुए भक्तगण सरोबार हो रहे है। अन्नदाता के नाम से भक्तों के हृदय में निवास करने 1008 सरस्वती नंदन स्वामी का कथन है कि हूं गुरूद्वारा आश्रम थांदला ने प्रख्यात करू छूं, अहियां जे आवशे ऐ म्हारो वैकुंठ नो साथी थरो। भक्तगणों का कथन है कि यहां आने पर सहज ही ऐसा लगता है जैसे वैकुंठ धाम में आ गये हो। अभी अभी ग्राम रानापुर में श्रीमद भागवत कथा करने पधारे रामानुजाचार्य ने जब थांदला गुरूद्वारा में दर्शन पूजन अर्चन किया तब उनका आश्रम प्रभारी भूदेव आचार्य से कथन था कि मेरा हृदय आनंद से ऐसा सरोबार हो गया कि यदि आप एक घंटा और भी पूजन करवाते तो भी मैं घड़ी नहीं देखता। 5 से शुरू होकर 12 जनवरी तक पूर्णिमा तक आयोजित नाम संकीर्तन सप्ताह में भक्तों ने नृत्य, संगीता, भजन से आनंद रस बरस रहा है। गुजरात, राजस्थान, मध्यप्रदेश, हरियाणा दूर-दूर से पधारे भक्तों ने छोटी काशी के नाम से प्रसिद्ध थांदला में आध्यात्मिक आनंद की वृष्टि कर दी हैं थांदला से सारे रास्ते वैकुण्ठ धाम गुरूद्वारा की ओर जा रहे है। न्यास मंडल के अध्यक्ष राजेन्द्र अग्निहोत्री, उपाध्यक्ष श्रीरंग आचार्य, कंचन भाई बड़ौदा, कोषाध्यक्ष भागवत शुक्ला, सचिव जया पाठक, न्यासी तुषा भट्ट, ओम वैरागी, जयदीप आचार्य, रमेन्द्र सोनी, भूरेलाल वाणी, वासूदेव सोनी, सत्यप्रकाश परमार, सह कोषाध्यक्ष लोकेन्द्र आचार्य, किशोर आचार्य, नामदेव आचार्य, दीपक आचार्य, गणपतदास बैरागी, तरूण भट्ट, दिनेश उपाध्याय, शरद पांडे, मदनलाल राठौड़ अपने सभी स्थानीय भक्तों के साथ दूर-दूर से पधारे भक्तजनों एवं गुरूभाईयों की सेवा में रात-दिन एक कर रहे है। आश्रम प्रभारी भूदेव आचार्य एवं निखिल त्रिवेदी, श्रीजी पूजन अर्चन के साथ श्रीजी के अप्रतिम श्रृंगार से श्रीजी का प्राकट्य साक्षात कर रहे है। श्रीजी के जन्मोत्सव पर गुरूद्वारा की सजावट एक अलग ही आकर्षण उत्पन्न कर रही है। जय-जय सरस्वती नंदन स्वामी का अनवरत कीर्तन गुरूद्वारा आने वाले भक्तों के हृदय में अनायास ही गुंजित हो उठता है। ऐसा लगने लगता है कि मानो स्वयं अन्नदाता गुरूद्वारा में अपने सूक्ष्म रूप में उपस्थित होकर भक्ति का अहसास करा रहे है। यह वर्ष चलता ही रहे, चलता ही रहे। ऐसी आकांक्षा थांदला के हर जन के मन में उद्वेलित हो रही है। 12 जनवरी को गुरू महाराज का जन्मोत्सव पादूका पूजन एवं महाआरती तथा महाप्रसादी के उपरांत समापन होगा, जिसमें हजारों की संख्या में भक्तगण भाग लेंगे। ——————————– Post navigation नगर की सेवाभावी सामाजिक संस्थाओं का सम्मान 20 फरवरी को श्रीकृष्ण की भक्ति में डूबे भक्त, ज्ञान यज्ञ में पहुंचे हजारों