झाबुआ लाइव के लिए थांदला से रितेश गुप्ता की रिपोर्ट- मंगलवार को विश्व अंतर्राष्ट्रीय आदिवासी दिवस पर आदिवासी रैली का सफल नेतृत्व जयस के युवा कार्यकर्ताओं ने किया। इस दौरान अनुशासन का परिचय देते हुए एक रैली का आयोजन किया रैली पुरानी मंडी प्रांगण से शुरू होकर महात्मा गांधी मार्ग, सब्जी मंडी, जवाहर मार्ग, आजाद चौक में राष्ट्रीय आदिवासी एकता परिषद के प्रदेशाध्यक्ष रतनसिंह कटारा द्वारा संविधान में आदिवासियों के लिए उल्लेखित अधिकारों पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला तथा बाबूसिंह डामोर द्वारा इस कार्यक्रम को राजनीति, धर्म से हटकर विशुद्ध रूप से आदिवासी एवं उनकी संस्कृति, समरसता, पर्यावरण मित्र एवं प्रकृति पूजक के रूप में देश में जाने जाते हैं। गौरतलब है कि सन् 1945 में संयुक्त राष्ट्रसंघ का गठन किया गया। उसके 50 वर्ष बाद यह महसूस किया गया कि आदिवासियों की संस्कृति, शिक्षा, स्वास्थ्य, बोलने के अधिकारों एवं कर्तव्यों का आज भी भलीभांति कई देशों द्वारा अमल में नहींलाया जा रहा है, जिससे आदिवासियों के विकास में बाधा उत्पन्न हो रही है। इसी के मद्देनजर संयुक्त राष्ट्रसंघ द्वारा 9 अगस्त 1994 को विश्व आदिवासी दिवस की घोषणा की गई। पहली बार यह आयोजन 9 अगस्त 1995 को मनाया गया, तब से लेकर विश्व के 193 देशों में इस आदिवासी दिवस को बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। अब तक यह आयोजन समाजजनों द्वारा जिला स्तर पर मनाया जा रहा था, लेकिन इस बार यह कार्यक्रम तहसील एवं कस्बा स्तर भी पारंपरिक वेशभूषा, पांरपरिक वाद्य यंत्रों जैसे ढोल-मांदल, तीर-कमान के साथ समाज के समस्त जनप्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारी, तड़वी, पटेल, छात्र संगठन, मजदूर संगठनों, किसान संगठनों एवं गणमान्य नागरिकों के द्वारा बड़े उत्साहपूर्वक मनाया गया। इसके बाद एक सभा का आयोजन किया जिसमें हजारों की संख्या में आदिवासी भाई अपनी मूल संस्कृति, पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए। कार्यक्रम को समाज के जनप्रतिनिधियों एवं समस्त संगठनों के पदाधिकारियों द्वारा संबोधित किया जाकर विश्व आदिवासी दिवस पर समाजजनों को शुभकामनाएं दी। साथ ही समाज को एकता के सूत्र में बांधने के लिए युवा संगठनों को पूरा सहयोग करने का भरोसा दिलाया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अजाक्स अध्यक्ष बाबूसिंह डामर ने पत्रकार, किसान, मजदूर आदिवासी छात्र नेता, पुलिस प्रशासन का आभार माना। Post navigation जिला कांग्रेस ने दी अंतर्राष्ट्रीय आदिवासी दिवस पर दी बधाई निलकंठेश्वर मंदिर में झूमे महादेव भक्त