मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ धनतेरस के अवसर पर आम्बुआ कस्बे का बाजार दीपावली की रौनक से गुलजार नजर आया। सुबह से ही आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों और आदिवासी अंचलों से बड़ी संख्या में ग्रामीण खरीदारी के लिए आम्बुआ पहुंचे। बाजार में दिनभर चहल-पहल बनी रही। बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों से लेकर सड़क किनारे छोटी दुकान लगाकर बैठे दुकानदारों तक के यहां ग्राहकों की भीड़ देखने को मिली। आम्बुआ के व्यापार की सबसे खास बात यह है कि यहां का पूरा बाजार आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों और आदिवासी अंचलों से आने वाले ग्राहकों पर निर्भर है। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोग ही कस्बे के व्यापार की मुख्य ताकत हैं। बड़े व्यापारियों की दुकान हो या सड़क किनारे छोटा-सा ठेला अथवा अस्थायी दुकान, सभी का कारोबार इन्हीं ग्रामीण ग्राहकों के माध्यम से चलता है। धनतेरस पर भी यही तस्वीर देखने को मिली, जहां ग्रामीणों ने अपनी जरूरत और परंपराओं के अनुसार जमकर खरीदारी की। इस वर्ष कम बारिश के चलते किसानों को फसल को लेकर चिंता जरूर रही, लेकिन थोड़ी-बहुत उपज घर आने के बाद ग्रामीण दीपावली का त्योहार मनाने के लिए बाजार पहुंचे। बैलों को रंगने के लिए रंग, माचूंदी, मोर पंख और अन्य सजावटी सामग्री की दुकानों पर अच्छी भीड़ रही। वहीं फूल-मालाओं की दुकानों पर भी ग्राहकों की आवाजाही बनी रही। कस्बे की सड़कों के किनारे कुम्हारों द्वारा मिट्टी के दीपक सजाकर दुकानें लगाई गई थीं। आदिवासी अंचलों से आए ग्रामीणों ने दीपावली के लिए मिट्टी के दीपकों की भी जमकर खरीदारी की। इससे छोटे दुकानदारों और कुम्हारों के यहां भी अच्छा कारोबार देखने को मिला। दीपावली को लेकर आम्बुआ के घरों और प्रतिष्ठानों पर आकर्षक सजावट के साथ रंग-बिरंगी लाइटिंग की गई है। रोशनी से जगमगाता कस्बा त्योहार की खुशियों को और बढ़ा रहा है। दिवाली तक अच्छे व्यापार की उम्मीद धनतेरस पर बाजार में ग्राहकों की अच्छी आवाजाही को देखते हुए व्यापारियों के चेहरों पर खुशी दिखाई दी। व्यापारियों का कहना है कि धनतेरस से बाजार में खरीदारी का माहौल बना है और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से लोगों का आना जारी है। उन्हें उम्मीद है कि दीपावली तक बाजार में इसी तरह रौनक बनी रहेगी और व्यापार में और तेजी देखने को मिलेगी। Post navigation राष्ट्रीय एकता दिवस पर आम्बुआ पुलिस थाने पर स्कूली बच्चों को प्रसारण दिखाया