जितेंद्र वर्मा, जोबट

नगर परिषद जोबट में नामांतरण और स्वामित्व प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। नगर के महात्मा गांधी मार्ग निवासी विधवा महिला श्रीमती शोभा राधेश्याम सोनी ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) जोबट को लिखित शिकायत सौंपकर नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। महिला का आरोप है कि पति की मृत्यु के बाद मकान का नामांतरण उनके पक्ष में स्वीकृत हो चुका है। इसके लिए निर्धारित शुल्क भी जमा कर दिया गया, लेकिन आज तक उन्हें स्वामित्व प्रमाण-पत्र उपलब्ध नहीं कराया गया।

शिकायत में महिला ने बताया कि नगर परिषद जोबट के राजस्व शाखा के पत्र क्रमांक 770 दिनांक 28 मई 2024 के आधार पर उनके पति स्वर्गीय राधेश्याम पिता रामलाल सोनी के नाम से स्वामित्व प्रमाण-पत्र जारी किया गया था। पति की मृत्यु के बाद नगर परिषद के पत्र क्रमांक 526 दिनांक 11 अप्रैल 2026 के तहत नगर परिषद के प्रस्ताव क्रमांक 122 दिनांक 2 सितंबर 2025 के आधार पर वार्ड क्रमांक 10 स्थित महात्मा गांधी मार्ग के मकान का नामांतरण वारिसान के आधार पर उनके पक्ष में स्वीकृत किया गया था। महिला के अनुसार, नामांतरण आदेश प्राप्त करने के लिए निर्धारित शुल्क भी जमा किया गया था, लेकिन इसके बावजूद उन्हें स्वामित्व प्रमाण-पत्र नहीं दिया गया।

मामले में नया विवाद तब सामने आया जब नगर परिषद जोबट द्वारा नामांतरण विज्ञप्ति क्रमांक 1395 दिनांक 14 अक्टूबर 2026 जारी की गई। महिला का कहना है कि इस विज्ञप्ति में उनके मकान को हस्तांतरित कर संयुक्त नाम से नामांतरण किए जाने की जानकारी सामने आई, जबकि इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं थी। उनका आरोप है कि मकान उनके नाम से नगर परिषद के रिकॉर्ड में दर्ज होने के बावजूद कुछ जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित लोगों द्वारा उन्हें परेशान किया जा रहा है।

एसडीएम से जांच और कार्रवाई की मांग

महिला शोभा सोनी ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, स्वामित्व प्रमाण-पत्र शीघ्र दिलवाने तथा यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो संबंधित दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है।

अब सवाल यह है कि जब नगर परिषद द्वारा नामांतरण स्वीकृत कर शुल्क भी जमा करा लिया गया था, तो आखिर विधवा महिला को स्वामित्व प्रमाण-पत्र क्यों नहीं दिया गया? वहीं, बाद में संयुक्त नाम से नामांतरण की विज्ञप्ति जारी करने के पीछे क्या प्रक्रिया अपनाई गई? इन सवालों का जवाब नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों को देना होगा।

फिलहाल शिकायत के बाद मामले में प्रशासनिक जांच और नगर परिषद की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

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