लोहित झामर, मेघनगर मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल फुटतालाब स्थित श्री वनेश्वर मारुति नंदन हनुमान मंदिर में आयोजित नवरात्रि महोत्सव में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के साथ भक्ति और गरबा उत्सव का उत्साह लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। गुरुवार रात हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति के चलते गरबा पंडाल छोटा पड़ने लगा, जिसे देखते हुए माताओं और बहनों के बैठने के लिए अतिरिक्त व्यवस्था की गई। आयोजन में शामिल होने के लिए दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं के वाहनों की लंबी कतारें भी देखने को मिलीं। समाजसेवी सुरेश चंद्र पूरणमल जैन ने श्रद्धालुओं की अपार उपस्थिति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सनातन धर्म भारत की प्राचीन आध्यात्मिक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। नवरात्रि केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि देश की आध्यात्मिक शक्ति, आस्था और सामाजिक एकता का भी प्रतीक है। फुटतालाब में राजस्थान, गुजरात और मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से श्रद्धालुओं का पहुंचना आयोजन समिति के लिए गौरव और सौभाग्य की बात है। बढ़ती भीड़ के बीच व्यवस्थाओं का विस्तार श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए युवा समाजसेवी राजेश रिंकू जैन ने माताओं और बहनों के बैठने के लिए अतिरिक्त व्यवस्थाएं करवाईं। आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे पूर्व अजजा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष एवं भाजपा प्रवक्ता कलसिंह भाबर का स्वागत सुरेश चंद्र पूरणमल जैन एवं परिवार ने किया। इस दौरान राजबाड़ा मित्र मंडल के सदस्य पप्पू कटकानी सहित अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे। मंदिर परिसर में प्रतिदिन होने वाले गरबा आयोजन में स्थानीय और बाहर से आए गरबा समूह अपनी पारंपरिक वेशभूषा, आकर्षक प्रस्तुतियों और अनुशासित अंदाज से श्रद्धालुओं का मन मोह रहे हैं। अहमदाबाद, वडोदरा, इंदौर और झाबुआ जिले के कल्याणपुरा, सजेली, थांदला सहित विभिन्न क्षेत्रों के ग्रामीण एवं स्थानीय गरबा दलों की प्रस्तुतियां विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। गरबों के माध्यम से गौ संरक्षण और नशामुक्ति का संदेश फुटतालाब के गरबा महोत्सव में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सरोकारों को भी प्रमुखता दी जा रही है। बेडवाली रानू ग्रुप ने गौ माता के महत्व और उन्हें राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग को लेकर विशेष प्रस्तुति दी, जिसे प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किया गया। वहीं युवाओं ने गरबों के माध्यम से नशामुक्ति का संदेश देकर समाज को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। ‘चूड़ी ले लो थारा बिना श्याम’ जैसे लोकप्रिय गरबों की धुन पर श्रद्धालु देर रात तक भक्ति में लीन नजर आए। प्रतिदिन श्रीगणेश पूजन और मां की स्तुति के साथ शुरू होने वाले आयोजन में मनोहारी धार्मिक दृश्य, आकर्षक प्रस्तुतियां और पारंपरिक गुजराती गरबा वातावरण को भक्तिमय बना रहे हैं। अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी पहुंच रहे आयोजन में महोत्सव की भव्यता और अनुशासन को देखने के लिए प्रतिदिन प्रशासकीय अधिकारी अपने परिवारों के साथ पहुंच रहे हैं। जनप्रतिनिधियों और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों की उपस्थिति भी लगातार बढ़ रही है। आयोजन समिति के वरिष्ठ सदस्य सुरेश चंद्र पूरणमल जैन, राजेश रिंकू जैन और मंदिर के महंत दिलीपदास महाराज अतिथियों एवं श्रद्धालुओं का स्वागत-अभिवादन कर रहे हैं। गरबा समूहों की आकर्षक वेशभूषा और पारंपरिक नृत्य की विशेष शैली दर्शकों को प्रभावित कर रही है। यही कारण है कि देर रात तक बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालु भी गरबा दलों के साथ कदमताल करते दिखाई देते हैं। फुटतालाब का यह आयोजन धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा, सामाजिक जागरूकता और अनुशासन के अनूठे संगम के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। समिति के राजेश रिंकू जैन ने अधिक से अधिक धर्मप्रेमियों से फुटतालाब पहुंचकर नवरात्रि महोत्सव में सहभागी बनने और मां की भक्ति का लाभ लेने की अपील की है। Post navigation गौवंश की सुरक्षा को लेकर पुलिस-प्रशासन अलर्ट, ‘ऑपरेशन गौवंश’ के तहत रंभापुर चौकी पर हुई महत्वपूर्ण बैठक