यूपीआई भुगतान पर एमडीआर शुल्क के विरोध में व्यापारी, फैसले पर तत्काल पुनर्विचार की मांग

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ब्रजेश श्रीवास्तव, छकतला 

यूपीआई डिजिटल भुगतान पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) या अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने के विरोध में छकतला में व्यापारियों ने देश और जिले भर के छोटे-बड़े व्यापारियों की ओर से प्रधानमंत्री के नाम चौकी प्रभारी राहुल चौहान को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि 2000 रुपए से अधिक के सामान्य व्यापारिक यूपीआई भुगतान पर एमडीआर या किसी भी प्रकार का अतिरिक्त कर लगाने की बात व्यापारी जगत के लिए आश्चर्यचकित करने वाली है। व्यापारियों का कहना है कि इससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ेगा, जिसका सीधा प्रभाव उनकी लागत और लाभ पर होगा। व्यापारियों ने कहा कि कि भारत सरकार की मंशा के अनुरूप उन्होंने यूपीआई को अपनाया है, जिससे डिजिटल लेनदेन को नई गति मिली है।

ज्ञापन में यह मांग की

यूपीआई भुगतान पर कोई अतिरिक्त एमडीआर या शुल्क नहीं लिया जाए। छोटे-बड़े सभी व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए डिजिटल भुगतान को सहज, सरल एवं कम लागत का बनाए रखा जाए। देश की अर्थव्यवस्था में डिजिटल भुगतान के महत्वपूर्ण योगदान को देखते हुए, इसे हतोत्साहित करने वाला कोई भी आर्थिक भार व्यापारियों पर नहीं डाला जाए। यूपीआई भुगतान पर कोई भी शुल्क या कर लागू करने से पहले देश भर के व्यापारिक संगठनों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया जाना चाहिए। यदि यूपीआई भुगतान पर कोई भी शुल्क प्रस्तावित किया गया है, तो उस पर तत्काल पुनर्विचार कर व्यापारियों को राहत प्रदान की जाए।

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