सगरवंशीय माली समाज की महत्वपूर्ण बैठक में सामूहिक विवाह सम्मेलन को लेकर हुआ मंथन

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जितेंद्र वाणी, नानपुर
श्री सगरवंशिय माली समाज के आगामी सामूहिक विवाह सम्मेलन को लेकर नानपुर स्थित साई मंदिर में नानपुर, आलीराजपुर एवं कूक्षी समाज के पदाधिकारियों एवं समाजजनों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में सामूहिक विवाह सम्मेलन को सफल बनाने, विवाह योग्य युवक-युवतियों को सम्मेलन से जोड़ने तथा तीनों समाजों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में नानपुर, आलीराजपुर एवं कूक्षी समाज के अध्यक्ष अपनी-अपनी कार्यकारिणी टीम के साथ शामिल हुए। प्रत्येक समाज की ओर से 11-11 सदस्यों ने बैठक में सहभागिता की। समाजजनों ने सम्मेलन को व्यवस्थित एवं भव्य बनाने के लिए अपने सुझाव रखे। देवउठनी ग्यारस के बाद होने वाले विवाहों को सामूहिक सम्मेलन से जोड़ने पर चर्चा नानपुर माली समाज अध्यक्ष मनीष (गजानंद) माली ने बताया की बैठक में प्रस्ताव रखा गया कि देवउठनी ग्यारस के बाद होने वाले विवाहों को समाज की सहमति से आगामी सामूहिक विवाह सम्मेलन में करने के लिए प्रेरित किया जाए। साथ ही समाज में जिन युवक-युवतियों के रिश्ते तय हो चुके हैं, जिनका हाथा-वचन हो चुका है अथवा हाथा-वचन होना शेष है, उनके हाथा-वचन शीघ्र पूर्ण करवाकर उन्हें सामूहिक विवाह सम्मेलन में विवाह के लिए प्रेरित करने पर चर्चा हुई।
तीनों समाजों से तन-मन-धन से सहयोग की अपेक्षा
सामूहिक विवाह सम्मेलन को सफल बनाने के लिए आलीराजपुर एवं कूक्षी समाज से तन-मन-धन से सहयोग की अपेक्षा की गई। सम्मेलन में आवश्यक सामग्री, व्यवस्थाओं एवं अन्य तैयारियों में तीनों समाजों द्वारा आपसी सहयोग करने पर भी विचार-विमर्श किया गया।
पत्रिका एवं परिचय सम्मेलन पर भी चर्चा
बैठक में सामूहिक विवाह सम्मेलन की स्मारिका एवं पत्रिका प्रकाशित करने तथा समाजजनों एवं पदाधिकारियों से सौजन्य भेंट एवं विज्ञापन के माध्यम से सहयोग लेने पर चर्चा हुई। पत्रिका प्रकाशित होने के बाद उसके वितरण में भी नानपुर, आलीराजपुर एवं कूक्षी समाज के पदाधिकारियों एवं समाजजनों से सहयोग लेने की बात कही गई।
इसके अलावा विवाह योग्य युवक-युवतियों के लिए परिचय सम्मेलन आयोजित करने पर भी चर्चा हुई, ताकि परिवारों को एक-दूसरे से परिचित होने का अवसर मिल सके।
विधि-विधान से होंगे लग्न फेरे
सामूहिक विवाह सम्मेलन में शामिल होने वाले वर-वधुओं के लग्न फेरे पंडितजी के मार्गदर्शन में विधि-विधान के साथ करवाने के संबंध में आवश्यक व्यवस्था करने पर चर्चा की गई। पिछले सम्मेलन के अनुभवों से मिलेगा मार्गदर्शन आलीराजपुर समाज द्वारा पिछले वर्ष आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन के अनुभवों के आधार पर नानपुर समाज को आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान करने का आग्रह किया गया। साथ ही सामूहिक विवाह सम्मेलन से पूर्व आलीराजपुर एवं कूक्षी में होने वाली सामाजिक बैठकों की सूचना नानपुर समाज को समय पर देने तथा नानपुर समाज को भी इन बैठकों में शामिल करने पर चर्चा की गई।
84 पंच एवं सामाजिक प्रतिष्ठान बंद रखने पर चर्चा
सामूहिक विवाह सम्मेलन के दौरान 84 पंच से संबंधित प्रक्रिया तथा सामाजिक प्रतिष्ठानों को बंद रखने के विषय पर भी चर्चा की गई। पिछले सामूहिक सम्मेलन में अनुमति मिलने में हुई देरी को देखते हुए इस बार आवश्यक प्रक्रिया समय पर पूरी करने तथा यदि कोई राशि निर्धारित की जानी हो तो तीनों समाजों की सहमति से उचित निर्णय लेने पर विचार किया गया।
अनाथ आश्रम से आने वाली वधू के लिए शुल्क नहीं लेने का प्रस्ताव
बैठक में समाज के ऐसे युवाओं के विषय पर भी चर्चा की गई, जिनके लिए रिश्ते तय होने में कठिनाई आती है। प्रस्ताव रखा गया कि यदि कोई युवक अनाथ आश्रम से विवाह के लिए युवती लाता है, तो सामूहिक विवाह सम्मेलन में वधू पक्ष से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाए। वर पक्ष की ओर से समाज द्वारा निर्धारित आवश्यक राशि एवं व्यवस्थाएं पूरी करने के संबंध में तीनों समाजों की सहमति से निर्णय लिया जाएगा।
बैठक के पश्चात हुआ सहभोज
महत्वपूर्ण बैठक के पश्चात माली समाज द्वारा सहभोज कार्यक्रम आयोजित किया गया। समाज के पदाधिकारियों एवं समाजजनों ने एक साथ बैठकर भोजन किया। सहभोज के माध्यम से आपसी भाईचारे, सामाजिक एकता एवं सौहार्द का संदेश दिया गया। युवाओं एवं समाजजनों की इस पहल की उपस्थित लोगों ने सराहना की। बैठक में यह भी तय किया गया कि सामूहिक विवाह सम्मेलन के संबंध में लिए जाने वाले अंतिम निर्णयों की जानकारी समाज के वरिष्ठजनों को पत्र अथवा फोन के माध्यम से समय पर दी जाएगी, जिससे तीनों समाजों के बीच बेहतर समन्वय बना रहे और सम्मेलन की तैयारियां व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ सकें। बैठक का आभार माली समाज उपाध्यक्ष घनश्याम माली ने माना।

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