सीएम डॉ. मोहन और केंद्रीय रक्षा श्री राजनाथ सिंह ने किया रक्षा के नए प्रोजेक्ट का शुभारंभ, सेना को मजबूत करने में MP निभाएगा बड़ा रोल
दिनेश वर्मा, झाबुआ
भोपाल/जबलपुर। ‘रक्षाबंधन उत्सव से एक दिन पहले संस्कारधानी जबलपुर से बॉर्डर की रक्षा के लिए नए प्रकल्प की शुरुआत हो रही है। टी-सीरीज टैंक के ओवरहॉल प्रोजेक्ट के माध्यम से भारतीय सेना एक नए दौर में प्रवेश कर रही है। जबलपुर की आर्मर्ड फैक्ट्री ने कर्म के बल पर देशभर में विशेष पहचान बनाई है। भविष्य में आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए और सेना की मजबूती के लिए मध्यप्रदेश में स्थित अलग-अलग फैक्ट्रियों से उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। आज जबलपुर को करीब 475 करोड़ से अधिक लागत की नई परियोजना की सौगात मिली है। इससे रक्षा का परिदृश्य बदल जाएगा।’ यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कही। वे जबलपुर स्थित आर्मर्ड व्हीकल्स निगम लिमिटेड की व्हीकल फैक्ट्री में आयोजित शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान सीएम डॉ. यादव एवं केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने टी-सीरीज टैंक ओवरहॉल परियोजना का भूमि-पूजन कर शिलापट्ट का अनावरण किया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि रक्षा के मामले में जबलपुर की अलग पहचान है। इसके नाम में ही बल लगा हुआ है। जबलपुर हमारा शहर है, यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है। हमारी सेना पराक्रम की धनी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में समय बदल रहा है। उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती, अमर शहीद राजा शंकर शाह-रघुनाथ शाह, स्वतंत्रता सेनानियों की वजह से जबलपुर की विरासत गौरवशाली रही है। उन्होंने कहा कि हम सब जानते हैं रानी दुर्गावती का युद्ध और इस युद्ध में वे लगातार जीत रही थीं, लेकिन तकनीक की वजह से उनकी विजय का क्रम टूट गया। उस दौर में भारतीय राजानों ने पहली बार तोप देखी थी। विरोधी नए हथियार लेकर आए और दुर्भाग्य से हमारी वीरांगना ने बलिदान दिया।
