ब्रजेश श्रीवास्तव छकतला
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, छकतला में सामाजिक कार्यकर्ता श्री कादू सिंह डुडवे ने विद्यार्थियों के बीच सिकलसेल एनीमिया, रक्तदान, पौष्टिक आहार एवं स्वस्थ जीवनशैली को लेकर एक ज्ञानवर्धक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को सिकलसेल एनीमिया के लक्षण, रोकथाम और रक्तदान के महत्व की विस्तृत जानकारी दी गई। श्री कादू सिंह डुडवे ने कहा कि सिकलसेल के बारे में केवल पढ़ना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि स्वस्थ खान-पान और संतुलित जीवनशैली अपनाना भी बेहद जरूरी है। आलीराजपुर जिले में सिकलसेल की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने व्यापक सामाजिक जागरूकता की आवश्यकता बताई। उन्होंने प्रभावित परिवारों को नियमित चिकित्सकीय परामर्श के साथ-साथ पोषण और स्वास्थ्य संबंधी आदतों पर विशेष ध्यान देने का सुझाव दिया। इसके अलावा, सिकलसेल प्रबंधन में नियमित चिकित्सकीय देखभाल, विशेषज्ञ सलाह और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित रक्ताधान के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।
विद्यार्थियों को स्थानीय, मौसमी हरी सब्जियों और पारंपरिक देसी भाजियों को अपने दैनिक भोजन में शामिल करने के लिए प्रेरित किया गया। सहजन (मुरैंगा/सेगवा) और अन्य पत्तेदार सब्जियों में मौजूद विटामिन, खनिज तथा अन्य पोषक तत्वों के लाभ समझाए गए। इसके साथ ही, आधुनिक जीवनशैली के दुष्प्रभावों से बचने के लिए प्राकृतिक, स्थानीय और पारंपरिक खान-पान को प्राथमिकता देने की अपील की गई।
शिक्षक श्री नारायण डुडवे ने कहा कि स्वस्थ शरीर के लिए संतुलित और प्राकृतिक आहार आवश्यक है, इसलिए युवाओं को अपनी पारंपरिक स्थानीय खाद्य संस्कृति से जुड़ना चाहिए। वहीं प्राचार्य श्री नरेंद्र कलेश ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि प्राकृतिक भोजन और देसी भाजियों के उपयोग से पहले के लोग स्वस्थ और दीर्घायु जीवन जीते थे। उन्होंने विद्यार्थियों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और एक अनुशासित जीवनशैली अपनाने की सलाह दी।
