सुरक्षित बचपन की है ढाल, बाल हितैषी बाल चौपाल” अभियान का शुभारंभ

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झाबुआ। न्यायपीठ बाल कल्याण समिति, झाबुआ (मध्यप्रदेश) की अध्यक्ष श्रीमती प्रीति चौहान की अध्यक्षता एवं समिति सदस्य व एडवोकेट श्री चंचल भंडारी, के मार्गदर्शन में जिले के बच्चों की सुरक्षा, सम्मान एवं उनके अधिकारों के प्रति जन-जागरूकता के उद्देश्य से “सुरक्षित बचपन की है ढाल, बाल हितैषी बाल चौपाल” अभियान का शुभारंभ किया गया। यह अभियान जिले के समस्त शासकीय, अर्द्धशासकीय एवं निजी विद्यालयों में चरणबद्ध रूप से संचालित किया जाएगा।

अभियान का शुभारंभ न्यू कैथोलिक मिशन स्कूल (इंग्लिश मीडियम), झाबुआ में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम से किया गया, जिसमें कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं, शिक्षकगण एवं विद्यालयीन स्टाफ ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम में समिति की अध्यक्ष श्रीमती प्रीति चौहान ने बाल कल्याण समिति की भूमिका, कार्य एवं दायित्वों की जानकारी देते हुए बच्चों को उनके अधिकारों से अवगत कराया। साथ ही उन्होंने आपातकालीन सहायता सेवाओं चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, आपातकालीन सेवा 112 तथा 181 की उपयोगिता एवं आवश्यकता के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

समिति सदस्य एवं अधिवक्ता श्री चंचल भंडारी ने “बुलिंग एवं असभ्य भाषा के उपयोग पर रोक” विषय पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए सम्मानजनक व्यवहार, अच्छे संस्कार, सकारात्मक मित्रता तथा सभ्य भाषा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों से विद्यालय एवं समाज में सम्मानपूर्ण वातावरण बनाने का आह्वान किया।

समिति सदस्य श्रीमती सपना भट्ट ने सोशल मीडिया के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग पर विद्यार्थियों को जागरूक करते हुए इसके दुरुपयोग से होने वाले दुष्परिणामों की जानकारी दी तथा डिजिटल माध्यमों का सकारात्मक उपयोग करने की प्रेरणा दी।

कार्यक्रम का संचालन विद्यालय की वरिष्ठ शिक्षिका श्रीमती चंद्रिका अत्रे ने किया। अंत में विद्यालय के प्राचार्य फादर सोनू वसुनिया ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए इस पहल को बच्चों के हित में अत्यंत उपयोगी बताया।

गौरतलब है कि न्यायपीठ बाल कल्याण समिति, झाबुआ द्वारा “सुरक्षित बचपन की है ढाल, बाल हितैषी बाल चौपाल” अभियान जिले के समस्त शासकीय, अर्द्धशासकीय एवं निजी विद्यालयों में निरंतर संचालित किया जाएगा, ताकि प्रत्येक बच्चा अपने अधिकारों, सुरक्षा एवं संरक्षण के प्रति जागरूक होकर सुरक्षित एवं सम्मानपूर्ण वातावरण में आगे बढ़ सके।

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