युवाओं का फूटा आक्रोश: बोरी थाना क्षेत्र में विधवा महिला से बर्बरता के खिलाफ ग्रामीणों का महाआक्रोश

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संजय गांधी, बोरी

बोरी थाना क्षेत्र में एक विधवा महिला के साथ हुई दिल दहला देने वाली डकैती, सामूहिक दुष्कर्म और अमानवीय बर्बरता के खिलाफ अब पूरा क्षेत्र उबल पड़ा है। इसके विरोध में आज ग्राम बोरी सहित आसपास के दर्जनों गांवों के ग्रामीणों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। क्षेत्र की चरमराई कानून-व्यवस्था और पुलिस की सुस्ती से नाराज सैकड़ों युवाओं और ग्रामीणों ने एक विशाल बाइक रैली निकालकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने एक सुर में मांग की है कि पीड़िता को न्याय दिया जाए और दरिंदों को सीधे ‘फांसी’ के फंदे पर लटकाया जाए।

गूंजे गगनभेदी नारे, आक्रोशित नजर आए ग्रामीण

सुबह से ही ग्राम बोरी और आसपास के क्षेत्रों के लोग भारी संख्या में जुटना शुरू हो गए थे। सैकड़ों मोटरसाइकिलों पर सवार होकर निकले ग्रामीणों के हुजूम ने पूरे क्षेत्र का भ्रमण किया। रैली में शामिल युवाओं के हाथों में है हेंडल था और हवा में “पीड़िता को न्याय दो”, “दरिंदों को फांसी दो” और “पुलिस प्रशासन होश में आओ” जैसे गगनभेदी नारे गूंज रहे थे। इस महाआक्रोश रैली में ग्रामीणों का गुस्सा थामे नहीं थम रहा था।

‘फांसी से कम कुछ भी मंजूर नहीं’ – ग्रामीणों की दो टूक

रैली के बाद हुई बातचीत में ग्रामीणों और स्थानीय समाजसेवियों ने पुलिस और प्रशासन को सख्त लहजे में चेतावनी दी। ग्रामीणों का कहना था कि, “यह वारदात सिर्फ एक महिला पर हमला नहीं है, बल्कि हमारे पूरे समाज की मां-बहन की अस्मत और सुरक्षा पर हमला है। दरिंदों ने जिस तरह की अमानवीय क्रूरता दिखाई है, उसके लिए कानून में फांसी से कम कोई सजा नहीं होनी चाहिए। अगर पुलिस ने जल्द से जल्द सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर उन पर सख्त कार्रवाई नहीं की, तो यह आंदोलन उग्र रूप ले लेगा।”

घेरे में पुलिस प्रशासन: थाना प्रभारी को हटाने की मांग तेज

इस बाइक रैली के दौरान एक बार फिर स्थानीय पुलिस प्रशासन और थाना प्रभारी बोरी की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाए गए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि क्षेत्र में लगातार मर्डर, पत्थरबाजी, चोरियां और दिनदहाड़े अपहरण जैसी घटनाएं हो रही हैं, लेकिन पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है।

ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक (SP) से सीधे सवाल किया कि आखिर जन-आक्रोश और बार-बार हो रहे अपराधों के बाद भी लापरवाह थाना प्रभारी को पद से क्यों नहीं हटाया जा रहा है? अपराधियों में पुलिस का खौफ खत्म क्यों हो चुका है? क्या पुलिस किसी और भी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रही थी?

चक्काजाम और उग्र आंदोलन की चेतावनी

ग्रामीणों ने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि इस मामले के सभी आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी नहीं होती है और बोरी थाने के लापरवाह अधिकारियों पर गाज नहीं गिरती है, तो क्षेत्र के समस्त ग्रामीण अनिश्चितकालीन चक्काजाम और उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

फिलहाल इस विशाल बाइक रैली ने प्रशासन के हाथ-पांव फुला दिए हैं। क्षेत्र में तनाव और आक्रोश का माहौल बरकरार है और हर आंख इस खौफनाक कांड के दोषियों को सलाखों के पीछे या फांसी के फंदे पर देखने को बेताब है।

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