जितेंद्र वर्मा, जोबट
कलेक्टर नीतू माथुर ने आज जोबट क्षेत्र के विभिन्न कृषि फार्मों का भ्रमण कर उन्नतशील किसानों से खेती, जैविक उत्पादन, आम की खेती एवं विपणन संबंधी जानकारी प्राप्त की। इस दौरान उन्होंने किसानों को आम के बाय-प्रोडक्ट तैयार कर मूल्य संवर्धन के माध्यम से आय बढ़ाने के सुझाव भी दिए।
कलेक्टर श्रीमती नीतू माथुर ने ग्राम बोरझाड़ स्थित गोआधारित में कृषक श्री लोकेन्द्र सिंह राठौर के कृषि फार्म का निरीक्षण किया। किसान ने बताया कि वे पूरी तरह ऑर्गेनिक खेती करते हैं तथा स्वस्थ जीवन शैली और रुचि के कारण प्राकृतिक खेती को अपनाया है। उन्होंने अपने फार्म पर लगभग 1000 आम के पौधे लगाए हैं, जिनमें केसर, मल्लिका, देसी आम सहित अनेक प्रजातियां शामिल हैं। किसान ने बताया कि आमों को पूरी तरह प्राकृतिक तरीके से पकाया जाता है तथा खेत पर ही जैविक खाद तैयार की जाती है। कलेक्टर ने जैविक खाद निर्माण की प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी प्राप्त की। किसान ने बताया कि उनके खेत में लगभग 400 मोर भी रूप हैं जोकि प्राकृतिक संतुलन बनाने में सहायक है। साथ ही उन्होंने बताया कि उनके फार्म के आमों की आपूर्ति पुणे, मुंबई, सूरत, रतलाम और इंदौर जैसे शहरों में की जाती है। भ्रमण के दौरान किसान ने मधुमक्खी पालन शुरू करने की इच्छा व्यक्त की। इस पर कलेक्टर ने उप संचालक कृषि सज्जन सिंह चौहान को आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बंजर भूमि को विकसित कर बनाया सफल आम बाग
इसके बाद कलेक्टर ग्राम कालीखेतर स्थित उन्नतशील कृषक प्रदीप सिंह पटेल के फलराज कृषि फार्म हाउस पहुंचीं। किसान ने बताया कि वर्ष 2000 में उन्होंने बंजर भूमि खरीदकर खेती की शुरुआत की थी। उन्होंने अपने बगीचे में लगभग 500 आम के पौधे लगाए हैं, जिनमें हापुस, केसर, लंगड़ा, दशहरी, नूरजहां सहित कई उन्नत किस्में शामिल हैं। किसान ग्राफ्टिंग तकनीक के माध्यम से पौधे भी तैयार करते हैं। आम की खेती के साथ-साथ वे इंटरक्रॉपिंग के जरिए गेहूं एवं मक्का का उत्पादन भी करते हैं। किसान द्वारा संचालित मुर्गी पालन इकाई का भी कलेक्टर श्रीमती माथुर ने निरीक्षण किया तथा मुर्गी पालन की पूरी प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने आम के विपणन एवं आय के संबंध में चर्चा करते हुए आम से बने विभिन्न उत्पाद तैयार कर अतिरिक्त आय अर्जित करने की सलाह दी।
