मस्जिद में अदा की ईद-उल-फितर की नमाज, देश में अमन और भाईचारे की मांगी दुआ

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ब्रजेश श्रीवास्तव, छकतला 

ईद-उल-फितर के मौके पर आज शनिवार को अहल-ए-सुन्नत व जमात मस्जिद छकतला में मुस्लिम समाज जन इकट्ठा हुए और सबने मिलकर ईद की नमाज अदा की। सभी लोगों ने नमाज अदा करने के बाद एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी।

मस्जिद के इमाम साहब से बातचीत में बताया कि एक महीने के रोजे रखने के बाद ईद का दिन आता है, इसलिए इसका इंतजार हर किसी को रहता है। ये दिन अल्लाह की तरफ से एक खास इनाम होता है। पूरे महीने सब्र, इबादत और खुदा की बंदगी करने के बाद ये खुशी का दिन नसीब होता है। यही वजह है कि लोग इसे बहुत प्यार और इज्जत के साथ मनाते हैं।

उन्होंने कहा कि ईद का असली पैगाम मोहब्बत फैलाना है। सिर्फ अपने लिए खुश होना नहीं, बल्कि उन लोगों को भी खुशी देना है जो किसी वजह से खुशी नहीं मना पाते, जैसे गरीब लोग या जरूरतमंद लोग। उनकी मदद करना, उनके साथ बैठना, उन्हें भी अपने साथ शामिल करना यही असली ईद है। उन्होंने कहा कि हम सबको मिलजुल कर रहना चाहिए और समाज में प्यार और भाईचारा बढ़ाना चाहिए।

नैनीताल से आए हाफिज साहब

आज ईद के मौके पय अहले सुन्नत मस्जिद छकतला पर नमाज़ ईद उल फितर अदा की गई, जहां नैनीताल से क़ुरान शरीफ़ सुनाने के लिए आये हाफिज रईज अहमद साहब ने ईद की नमाज अदा कराई, जिसमें मस्जिद के इमाम अख्तर रजा ने भी अपने बयान से समा बांधा, देश में अमन शांति के लिए दुआएं की गई।जिसमें समाज के के वरिष्ठ इस्माईल खत्री, गजा मोहम्मद मकरानी,आलिम मंसुरी, रियाज़ मसुंरी, और नौ जवानों में सलीम खत्री, इसरार पठान, ज़फ़र मकरानी, साजिद मकरानी, अज्जु मंसुरी, अरबाज मंसुरी, और फिरोज मकरानी एवं बच्चों रहें मौजूद।

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