शान ठाकुर, पेटलावद
पेटलावद क्षेत्र के कई स्थानों पर गल एवं चूल का आयोजन किया गया। इस मौके पर मन्नतधारियों ने 30 फीट ऊंचे गल पर बंधी लकड़ी के चारों ओर घूमकर अपनी मन्नतें उतारीं। मौके पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। वही मन्नत धारियों ने दहकती आग ओर अंगारों से गुजर कर अपनी मन्नत को पूरा किया।

पेटलावद के ग्राम टेमरिया, करवड़, रायपूरिया, रूपगढ़ में सालों पुरानी परंपरा का पालन करते हुए ‘चुल कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया। जहां सैकड़ो मन्नतधारियों ने दहकती आग और अंगारों से गुजर कर अपनी मन्नत पूरा होने पर हिंगलाज माता का धन्यवाद दिया। दरसअल, होलिका दहन के दूसरे दिन धुलेंडी की शाम में पेटलावद के ग्राम करवड़, टेमरिया, रायपुरिया सहित कई स्थानों पर सालों पुरानी परंपरा अनुसार चुल कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें मन्नतधारियो ने दहकती आग और अंगारों पर चलकर हिंगलाज माता को धन्यवाद दिया। मान्यता है कि कोई भी व्यक्ति हिंगलाज माता को साक्षी मानकर मन्नत मांगता है तो उसकी सारी मन्नतें पूरी होती हैं।
