थांदला। आचार्यश्री उमेशमुनिजी के सुशिष्य प्रवर्तक श्री जिनेन्द्रमुनिजी के आज्ञानुवर्ती साध्वी निखिलशीलाजी, दिव्यशीलाजी, प्रियशीलाजी, दीप्तिजी ठाणा- 4 पौषध भवन स्थानक पर सुखसाता पूर्वक विराजित है। चतुर्मास में पूरा झाबुआ जिला धर्ममयी होकर तपस्याओं की झड़ी लगा रहा है । ऐसे धर्म मयि वातावरण में बड़ो के साथ बच्चे भी इस धर्म प्रवाह में सम्मीलित होकर कठोर तपस्या कर रहे है । इसी क्रम में थांदला के भी 2 बाल तपस्वियों ने 45 दिन की कठिन सिद्धि तप तपस्या की । परम पूज्य मुनिराज श्री चंद्रयशविजय जी म सा के पावन सानिध्य में 13 बाल तपस्वियों द्वारा सिद्धि तप की तपस्या की जा रही है । जिनमे से 2 बच्चे अमय गौरव कंकरिया ( 8वर्ष) एवम ताशी गौरव कंकरिया ( 12वर्ष ) की थांदला में प्रातः जयकार यात्रा निकाली गई एवम दोपहर में चौबीसी का आयोजन किया गया जिसमे बड़ी संख्या में समाजजन एवम नगरवासी सम्मिलित हुए । जयकार यात्रा बुद्धिलाल जी कंकरिया के निवास स्थान नयापुरा से पोषाध भवन जैन स्थानक तक निकाली गई जिसके दौरान जगह जगह समाज जनो द्वारा बच्चो का बहुमान किया। साथ ही चौबीसी के पश्चात् समाज जनों , जैन सोशल ग्रुप , गौरव कंकरिया मित्र मंडल एवम समाजिक संगठनों द्वारा बहुमान किया । उक्त तपस्वियों का पारना दिनांक 26 अगस्त को झाबुआ में होगा साथ ही 27 अगस्त को वरघोड़ा का आयोजन भी किया जाएगा। Post navigation तपस्वी सुरभि श्रीमाल ने की 33 उपवास की तपस्या पूर्ण चातुर्मास : ज्ञान, दर्शन, चारित्र एवं तप की विभिन्न आराधना में श्रावक-श्राविकाएं उत्साहपूर्वक कर रहे सहभागिता