विपुल पांचाल @झाबुआ Live सेवांकुर भारत और शिवगंगा के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित ‘एक सप्ताह देश के नाम’ कार्यक्रम में देश भर से आए 350 एमबीबीएस छात्रों का सात दिवसीय शिविर झाबुआ में लगाया जा रहा है। सभी विद्यार्थियों ने 26 मार्च को 17 समूहों में झाबुआ के 17 पंचायतों पर मेडिकल कैंप लगाए। इन शिविरों में 3.5 हजार से अधिक लोगों ने भाग लिया। जाँच शिविर के बाद सभी विद्यार्थियों ने शिवगंगा के ग्रामीण कार्यकर्ताओं के साथ हलमा द्वारा निर्मित तालाबों और मातावनों का दर्शन किया और रात्रि विश्राम गाँव के परिवारों के साथ ही किया। इसके बाद कल सवेरे हाथीपावा पर सभी लोगों ने एकत्रित होकर हलमा कर पौधों को पानी दिया। हलमा के बाद समापन किया गया। समापन में विद्यार्थियों ने अपनी अनुभूतियाँ साझा की। आर एन लाहोटी आयुर्वेदिक महाविद्यालय सुल्तानपुर, की प्रथम वर्ष छात्रा वसुंधरा मौर्य ने अपनी अनुभूति साझा करते हुए बताया कि हमने झाबुआ के लोगों के अंतर्निहित परमार्थ को देखा। उन्होंने अत्यंत कम संसाधनों में भी हमारा जो आथित्य भाव किया वह हम जीवन भर नहीं भूलेंगे। अवसर मिला तो हम झाबुआ के लोगों के साथ अवश्य काम करेंगे। शासकीय वैद्यकीय चिकित्सालय मिरज की छात्रा शिवानी चव्हाण ने बताया कि गाँव के लोगों में अनेक प्रकार की समस्या होने के बाद भी बहुत संतुष्ट और प्रसन्न है। पिछले 5 दिनों में मैं मेरे अंदर बहुत सकारात्मक बदलाव महसूस कर रही हूँ। कार्यक्रम का समापन करते हुए झाबुआ पुलिस अधीक्षक अगम जैन ने बताया कि शिवगंगा ने झाबुआ में सामाजिक सशक्तिकरण का अद्भुत कार्य किया है। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा आप झाबुआ में आए हैं, यहां से आप हलमा परमार्थ की परंपरा को सीख सकते हैं, दूसरा, गाँव के लोगों को अनेक काम आते हैं वह अपना घर स्वयं बना लेते हैं अनेक प्रकार की बीमारी का उपचार स्वयं कर लेते हैं इस तरह का अनेक परंपरागत ज्ञान उन लोगों के पास है सही अर्थों में यहां के लोग आत्मनिर्भर हैं। तीसरा उन्होंने इस बात की सराहना करते हुए बताया कि झाबुआ में लिंगानुपात बहुत सक्रिय है हम जब गांव में घूमते हैं तो यह पाते हैं कि यहां महिलाओं को कोई असुरक्षा नहीं है वे रात में भी बहुत निडरता से भ्रमण कर सकते हैं यह बात इस समाज के श्रेष्ठ जीवन मूल्यों को दर्शाती है। शिवगंगा के राजाराम कटारा ने हलमा की शुरुआत से लेकर एक विशाल जन आंदोलन बनने तक की पूरी यात्रा सभी के सामने सुनाएं आज हलमा एक पूरे विश्व के लिए वैश्विक समस्याओं का मिलकर समाधान करने की प्रेरणा देता है उन्होंने सभी को इसमें शामिल होने को लेकर धन्यवाद दिया। शिवगंगा कार्यकर्ता रमु भाई वाखला, मंच पर उपस्थित रहे और विजेंद्र अमलियार ने संचालन किया। हाथीपावा पहाड़ी पर समापन कार्यक्रम के पश्चात सभी विद्यार्थी, इस वर्ष फरवरी में शिवगंगा द्वारा आयोजित विशाल हलमा में किए गए कार्य का दर्शन करने गए और उसके बाद सभी ने शिवगंगा गुरूकुल धरमपुरी में प्रस्थान किया। 28 मार्च को इस 7 दिवसीय शिविर का अनुभव कथन शिवगंगा गुरूकुल, धरमपुरी में होगा। और 29 मार्च को इसका समापम माननीय राज्यपाल महोदय की उपस्थिति में इंदौर में होगा। Post navigation सबके राम सबमें राम कार्यक्रम: हिन्दू जागरण मंच के पदाधिकारियों ने रखी प्रेस वार्ता, बताई आयोजन की रूपरेखा… डॉ. विक्रांत भूरिया की गिरफ्तारी के दौरान स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर पर की गई थी अपमानजनक टिप्पणी, हिंदू युवा जनजाति संगठन ने कार्यवाही के लिए दिया आवेदन