लवेश स्वर्णकार, रायपुरिया

बप्पा मित्र मंडल के तत्वाधान में 6 सितम्बर रात्रि 10 बजे कवि सम्मेलन शुरू हुवा और देर रात 3 बजे तक चला । कवि सम्मेलन का शुभारंभ मंच पर विराजित मा सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण के बाद हुवा । 

देश ने विख्यात कवियों का आयोजक बप्पा मित्र मंडल और  बप्पा मित्र मंडल द्वारा आमंत्रित अतिथी  के स्वागत के बाद  कवि सम्मेलन के मंच के संचालन का काम कवि गोविंद राठी ने किया सर्वप्रथम श्रृंगार रस की कवि तबस्सुम अश्क ने माँ सरस्वती की वंदना प्रस्तुत की। उसके बाद मालवी हास्य के कवि शंकरसिंह सिसोदिया ने अपने काव्य पाठ से श्रोताओं को खूब गुदगुदाया।

इनके बाद हास्य रस के कवि संजय खत्री ने अपने मन की बात को कविता और काव्य पाठ के जरिए श्रोताओं के मध्य रखा सदन में उन्हें तालियों से जोरदार समर्थन मिला। उनके बाद वीर रस के युवा कवि चेतन शर्मा ने देशभक्ति के गीत और काव्य पाठ से सदन में देश भक्ति का माहौल बनाया इस माहौल पर सदन से जोरदार तालियों की आवाजें गुंजायमान होने लगी। उसके बाद हास्य पैरोडी कवि पार्थ नवीन ने भी अपने हास्य से सदन में बैठे श्रोताओं को हंसा हंसाकर लौट पोट कर दिया उन्होंने फिल्मी गानों के अंदाज में हास्य का एक ऐसा माहौल बनाया जिससे सदन में बैठे श्रोताओं को कवि सम्मेलन में आना सार्थक हो गया। इसके बाद मंच का शानदार  संचालन कर रहे हास्य रस के कवि गोविंद राठी ने भी कविताओं ओर काव्य पाठ को सदन में रखा कवि सम्मेलन के संचालन के अंदाज और कविता ने भी खूब तालियां बटोरी। उसके बाद तबस्सुम अश्क ने भी अपनी कविता के माध्यम से सदन में देश भक्ति को जाग्रत कर दिया कविताओं के माध्यम से पड़ोसी देश को खूब कोसा। अंत मे 62 वर्ष से काव्य पाठ कर रहे देश के नामी ओर प्रसिद्ध कवि और कवि सम्मेलन के सूत्रधार सत्यनारायण सत्तन ने शहीद सुभाषचन्द्र बोस को जिस समय फांसी दी जा रही थी उस घड़ी को कविता के माध्यम से सदन में रखकर इस कवि सम्मेलन को सार्थक बना दिया। कवि सम्मेलन के सूत्रधार सुनील भंडारी ने शुरुवाती कवि सम्मेलन का संचालन किया  पधारे अतिथिगणों द्वारा मंच पर पहुचकर विख्यात कवि सत्यनारायण सत्तन का शाल भेंटकर आभार प्रकट किया गया।

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