झाबुआ लाइव डेस्क-

30 जुन को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आव्हान पर जिला कांग्रेस कमेटी झाबुआ द्वारा स्थानीय बस स्टेण्ड पर स्थित गांधी प्रतिमा के सामने मध्यप्रदेश में भाजपा द्वारा जनादेश की अव्हेलना करते हुए एवं लोकतंत्र की हत्या कर बनाई गई भाजपा सरकार के सौ दिवस पूर्ण होने पर धरना प्रदर्शन कर काला दिवस मनाया गया। उस दौरान मेरे द्वारा दिये गए वक्तव्य का आशय यह था कि मार्च, अप्रैल, मई एवं जुन माह में कोरोना संक्रमण महामारी के चलते देश में लाखों की संख्या में लोग कोरोना व अन्य बिमारीयों से संक्रमित हुए हैं, एवं उनका उचित समय पर जांच न होने एवं ईलाज न होने के कारण अस्पताल पहुंचने से पूर्व ही दम तोड़ चुके हैं, इस भाषण से मेरा आशय संक्रमित आंकड़ों से था न कि मरने वालों की संख्या से था, और न ही मेरी मंशा जनता में भ्रम फैलाने की थी और न ही उनमें भय व्याप्त करने का था । मेरी मंशा सिर्फ यह बताने की है कि भाजपा की केन्द्र सरकार एवं राज्य की सरकार कोरोना संक्रमण को रोकने में असफल साबित हुई है, एवं ऐसा लगता है कि वर्तमान में जो सरकारी आंकड़े बताए जा रहे हैं वे पूर्ण रूप से सही न होकर संदेहास्पद है । देश की राजधानी दिल्ली भी इसका एक उदाहरण बन गया है। दिल्ली में भी कोरोना महामारी का भयानक प्रकोप है, लेकिन ऐसे प्रकोप के दौरान भी दिल्ली में भाजपा द्वारा सियासत की जा रही है। वहां पर भाजपा के नेताओं द्वारा दिल्ली की सरकार पर आरोप लगाया गया था कि दिल्ली सरकार सुबे में कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा छिपा रही है जबकि दिल्ली सरकार इसका खंडन कर रही है। मीडिया में दोनों तरह की बाते आ रही है, आरोप-प्रत्यारोप का दौर देश में भी चल रहा है।
वर्तमान में टी.वी चेनल एवं अन्य सोशल मीडिया एवं प्रीन्ट मीडिया से भी ऐसा समाचार लगातार आ रहे हैं कि कोरोना संक्रमण के कारण लोगों को उचित ईलाज नहीं मिल पा रहा है व अन्य बीमारीयों से ग्रसित मरीज भी अस्पताल में ईलाज कराने के लिए इधर-उधर भटकने पर मजबूर होना पड़ रहा है । इस कारण ईलाज के अभाव में कई लोगों की मृत्यु तक हो चुकी है बिना जांच किये ही इनका अंतिम संस्कार कर दिया जा रहा है। बम्बई- दिल्ली सहित देश के अन्य बड़े शहरों में मरीजों के लिए बेड उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। भारत में कोरोना वायरस के बढ़ते मामले भी बड़ी चुनौती बन गए हैं, जिस रेस को हम कभी जितना नहीं चाहते थे उस रेस में भारत रूस और ब्रिटेन, स्पेन को पिछे छोड़कर तीसरे नम्बर पर आ गया है। अस्पतालों में शव को रखने की जगह भी नही बच रही है। मर चुके लोगों का अंतिम संस्कार करने के लिए कब्रिस्तान एवं शवद्यागृह भी छोटे पड़ने लगे हैं। मेरी इन बातों को भाजपा के कुछ नेतागण अपने राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए मुझे बदनाम करने के लिए मेरे खिलाफ थाने में जो आवेदन दिया गया है वह पूरी तरह से गंदी व द्वेषपूर्ण राजनीति से प्रेरित है।  भूरिया ने केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार को आगाह किया कि देश प्रदेश में कोरोना संक्रमण को कंट्रोल नहीं किया गया तो स्थिति ज्यादा बिगड़ सकती है।

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