जिला पंचायत धार के अंतर्गत सरदारपुर तहसील के रिंगनोद में सीनियर आदिवासी बालक छात्रावास में दो बालकों की करंट लगने से हुई। मौत के बाद आज 4 अक्टूबर को जिला पंचायत के साधारण सम्मेलन में जिला पंचायत सदस्य क्षेत्र क्रमांक 1 से अशोक डाबर ने बच्चों के परिजनों को 25-25 लाख रुपए के मुआवजे एवं एक सदस्य को शासकीय नौकरी की मांग की। ज्ञात हो कि सीनियर आदिवासी बालक छात्रावास में अव्यवस्था एवं प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा यह रहा कि दो 12वीं के छात्रों को अपनी जान गवना पड़ी जिस पर सरकार द्वारा महज मात्र दो ₹200000 की घोषणा की गई, जबकि अन्य दुर्घटनाओं में 8 से 10 लाख रुपए की शासन द्वारा घोषणा की जाती है। अशोक डावर द्वारा परिजनों को 25-25 लाख रुपये मुआवजे की मांग कर फ्लेक्स बनाकर शरीर पर धारण कर जिला पंचायत की साधारण सम्मेलन की बैठक में रोष प्रकट कर मांग की गई। जिस पर जिला प्रशासन द्वारा बहुत ही नकारपन एवं असंवैधानिक तरीके से रवैया अपनाया गया क्योंकि वह बच्चे गरीब के थे आदिवासी कि थे इसलिए शासन द्वारा कोई बड़ी राहत की बात नहीं की गई। Post navigation भाजपा महिला मोर्चा झाबुआ की कार्यकारिणी की घोषित, पढ़िए किसे क्या जिम्मेदारी मिली नशा निवारण जन जागरण सप्ताह अंतर्गत नशे के दुष्परिणाम बताए