भूपेंद्र नायक, पिटोल भारत का विभाजन देश के लिए किसी विभीषिका से कम नहीं थी। अंग्रेजी हुकूमत ने साजिश रच भारत को दो टुकड़ों में बांट दिया जिसमे कुछ भारतीय नेताओ की भी जिम्मेदारी कम नहीं थी। 14 अगस्त 1947 की भारतीय इतिहास में किसी काले पन्ने से कम नहीं था। 200 वर्षों की गुलामी के बाद आजादी मिलने वाली थी तो वहीं दूसरी ओर धर्म के नाम पर देश के दो टुकड़े हो रहे थे। यह वो तारीख है, जब देश का बंटवारा हुआ और पाकिस्तान एक अलग देश बना। बंटवारे की शर्त पर ही भारत को अंग्रेजों से आजादी मिली। लाखों लोग इधर से उधर हो गए घर-बार छूटा, परिवार छूटा, लाखों की जानें गईं। यह दर्द था, विभाजन का, भारत के लिए यह विभीषिका से कम नहीं थी। देश का विभाजन कैसे हमारे लिए विभीषिका बनी से याद करने के लिए 14 अगस्त को यह खास दिवस विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया जा रहा है ताकि देश कभी इस दर्द को न भूल सके। इसी कड़ी में ”विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस” के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी की कटिहार जिला इकाई ने रविवार (14 अगस्त) को भाजपा पिटोल मंडल द्वारा तिरंगे के साथ मौन जुलूस में निकाला। जुलूस में क्षेत्र के भाजपा नेताओ के साथ ही आम जन सहित पुलिस दल शामिल हुआ। Post navigation प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को पांचवीं बार मिला कायाकल्प पुरस्कार लंपी वायरस ने जिले में दी दस्तक, इस गांव में पशुओं के शरीर पर नजर आ रही गठान