अशोक बलसोरा@ पारा पूज्य प्रणवानंद सरस्वती जी महाराज श्रीजी ने कथा प्रसंग में भगवान के नाम के कीर्तन और गुणगान की महिमा बताई। प्रभु के नाम का जप करने से जीवन की समस्त बाधाओं से पार पाने का सामर्थ्य प्राप्त होता है ईश्वर की कृपा की अनुभूति होती है। श्रीमद् भागवत कथा के तृतीय दिवस पर पूज्य महाराज श्री जी ने कथा प्रसंग को आगे बढ़ाते हुए बताया कि मनुष्य को ईश्वर से क्या मांगना चाहिए भगवान से केवल भगवान की भक्ति और उनकी अटल स्मृति बनी रहे यहीं मांगना चाहिए। श्रीमद् भागवत कथा के तृतीय दिवस के अवसर पर शबरी जयंती पर प्रकाश डालते हुए गुरुदेव ने उपस्थित शबरी के समस्त अनुयायियों को शबरी के त्याग तपस्या और भक्ति के बारे में विस्तार से बताया और उस आदर्श देव तुल्य नारी के पद चिन्हों पर चलकर हमारे जीवन को धन्य करना चाहिए देवी स्वरूप शबरी से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ने की बात कही। Post navigation युवाओं को कर्म पुरुषार्थ परिश्रम करने का संदेश चार दिवसीय श्री शिव आदिशक्ति विवाह महोत्सव