रितेश गुप्ता, थांदला

 आचार्य उमेशमुनिजी के सुशिष्य प्रवर्तक जिनेन्द्रमुनिकी आज्ञानुवर्ती साध्वी निखिलशीलाजी, दिव्यशीलाजी , प्रियशीलाजी, दीप्तिजी ठाणा 4 स्थानीय पोषध भवन पर विराजित हैं ।साध्वी मंडल के सानिध्य में प्रातः राई प्रतिक्रमण, प्रार्थना, दोपहर मे ज्ञान चर्चा, शाम को देवसी प्रतिक्रमण, कल्याण मंदिर, चोवीसी आदि विविध आराधनाएँ हो रही है। जिसमें श्रावक श्राविकाएँ उत्साहपूर्वक आराधना कर रहे हैं।
श्रीसंघ अध्यक्ष जितेंद्र घोड़ावत और सचिव प्रदीप गादिया ने बताया कि साध्वी निखिलशीलाजी व साध्वी मंडल के सानिध्य मे श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ द्वारा 3 अप्रैल शनिवार को प्रवर्तक जिनेन्द्र मुनिजी का 62 वा जन्मदिवस जप, तप, त्याग, तपस्या व विविध आराधनाओं के साथ मनाया जाएगा।इस अवसर पर पौषध भवन पर नियमित हो रहे व्याख्यान में साध्वी निखिलशीलाजी व साध्वी मंडल प्रवर्तक जिनेन्द्र मुनिजी के जीवन पर विस्तार से प्रकाश डालेंगे। जन्मदिवस के प्रसंग पर श्रावक – श्राविकाएं पोरसी तप की आराधना करेगें। इस प्रसंग पर नवकार महामन्त्र के जाप भी होगें और सामायिक की आराधना भी होगी ।श्रीसंघ ने समस्त श्रावक श्राविकाओं से प्रवर्तक जिनेन्द्रमुनिजी के जन्मदिवस परअधिक से अधिक धर्माराधना करने का निवेदन किया है

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